खिड़की से निकलता हुआ सूरज
रखता है मेरे घर के दर-ओ-बाम को रोशन
हमसाए की खिड़की से निकलता हुआ सूरज -----मेहबूब राही
दर-ओ-बाम-----घर के दरवाज़े और छत
हमसाए --------पड़ोसी
हमसाए की खिड़की से निकलता हुआ सूरज -----मेहबूब राही
दर-ओ-बाम-----घर के दरवाज़े और छत
हमसाए --------पड़ोसी
