तेनालीराम की कहानियां : तेनालीराम की घोषणा

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महाराज चाहते हैं कि प्रज्ञा और जनता के साथ पूरा न्याय हो। अपराधी को दंड मिले। इस मंगलवार को राजदरबार में इसी बात को लेकर काफी गंभीर चर्चा हुई। महाराज चाहते थे कि पुरानी न्याय-व्यवस्था की अच्छी और साफ-सुथरी बातें भी इस न्याय प्रणाली में शामिल की जाएं।

इस विषय में उन्होंने पुरोहितजी से पौराणिक न्याय-व्यवस्था के बारे में जानना चाहा किंतु पुरोहितजी इस बारे में कुछ न बता सके, क्योंकि वे दरबार में बैठे ऊंघ रहे थे। उन्हें इस दशा में देखकर राजा कृष्णदेव राय को गुस्सा आ गया।

उन्होंने भरे दरबार में पुरोहितजी को फटकारा। आज सीमाओं की सुरक्षा पर राजदरबार में चर्चा हुई किंतु सेनापति उपस्थित न थे, इस कारण सीमाओं की सुरक्षा की चर्चा आगे न हो सकी। राजा ने मंत्री को कड़े आदेश दिए हैं कि राजदरबार में सारे सभासद ठीक समय पर आएं।’

यह कहकर मुनादी वाले ने ढोल बजा दिया। इस प्रकार हर सप्ताह नगर में जगह-जगह मुनादी होने लगी।

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