'नापाक' बोल, हां.. हमने मारा कैप्टन सौरभ कालिया को...

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पाकिस्तानी दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच गुल ने डींगें हांकते हुए कहा कि भारतीयों में इतना हौसला और जुर्रर नहीं थी कि वे अपने सैनिकों की लाश ले जाएं, मगर हमने दस्तूर के मुताबिक उनके शव भारत को लौटा दिए। उसने कहा कि वे शिकार करने आए थे, खुद शिकार हो गए।

गुल ने आगे बताया कि 18 मई को दोबारा हमारे ऊपर हमला हुआ। हम 22 थे, जबकि भारतीय सैनिकों की संख्या 200 से 350 के बीच थी, लेकिन उनको भी मुंह की खानी पड़ी। उनकी एक मशीन गन, अन्य वेपन, मैप, रेडियो सैट आदि हमने अपने कब्जे में ले लिए। इतना ही नहीं बाद में हवलदार सनोवर उस का उपयोग उन्हीं के खिलाफ करता रहा। क्या कहता है हवलदार फिरोज खान... आगे पढ़ें...



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