झटपट शादी...
रामप्रसाद- 'विनय, तुम शादी न करने की कसम खाए बैठे थे। तुम शादी के विरुद्ध रहे हो, फिर झटपट शादी कैसे कर डाली?'
विनय- 'यार, मुझे बिलकुल अपने विचारों की लड़की मिल गई। वह भी शादी के खिलाफ थी।
विनय- 'यार, मुझे बिलकुल अपने विचारों की लड़की मिल गई। वह भी शादी के खिलाफ थी।

