1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. राष्ट्रीय
  4. supreme-court-cancels-neet-ug-protest-fir-delhi-four-states

NEET प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, दिल्ली समेत 5 राज्यों में FIR रद्द; CJP नहीं करेगी प्रोटेस्ट

Supreme Court
नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर दर्ज एफआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने आर्टिकल 142 के तहत मिले अपने विशेष अधिकार का इस्तेमाल करते हुए दिल्ली और चार राज्यों में दर्ज एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया। फैसले के तुरंत बाद सीजेपी ने 5 सितंबर को प्रस्तावित मार्च वापस ले लिया। ALSO READ: ट्रंप की टैरिफ नीति से बिगड़े समीकरण, भारत, चीन और रूस के गठबंधन से बढ़ेगी अमेरिका की टेंशन
 
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए दिल्ली, असम, महाराष्ट्र, बंगाल और बिहार में नीट प्रदर्शन से जुड़ी एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया। ये मामले 20 से 25 जुलाई के बीच हुए प्रदर्शन से जुड़े थे। दिल्ली पुलिस और 4 राज्य सरकारों ने कोर्ट से आर्टिकल 142 के तहत इन मामलों को खत्म करने की मांग की थी।
 
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार प्रदर्शनकारियों से बातचीत में दिए गए भरोसे पर कायम है। उन्होंने बताया कि नीट प्रदर्शन के दौरान आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा। केंद्र ने इसके लिए तीन महीने का समय मांगा है। मुआवजे का तरीका तय करने के लिए अलग-अलग राज्य सरकारों और संबंधित पक्षों से बातचीत की जाएगी। ALSO READ: पीएम मोदी का नया मंत्र- Wed in India, आखिर क्या है इसके मायने?
 

2873 लोगों पर फिर कार्रवाई क्यों होगी?

कोर्ट ने केंद्र को 2873 ऐसे लोगों के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज करने की अनुमति दी है। इनके बारे में आपराधिक इतिहास होने की बात कही गई है। सुनवाई के दौरान वकील हरिहरन ने इन 2873 लोगों की सूची मांगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन लोगों के खिलाफ आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। ALSO READ: ‘GDP ग्रोथ का जश्न आम आदमी कैसे मनाए?’ खरगे ने PM मोदी पर साधा निशाना, बेरोजगारी-महंगाई से लेकर असमानता तक गिनाईं चुनौतियां
 

सीजेपी ने वापस लिया प्रोटेस्ट

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान CJP के सौरव दास ने कहा कि मैं यह कहना चाहता हूं कि भारत सरकार के सकारात्मक आश्वासनों, आज उन्हें मिली न्यायिक मान्यता को देखते हुए और  कोर्ट के आदेश को ध्यान में रखते हुए कॉकरोच जनता पार्टी 5 सितंबर को होने वाले मार्च के आह्वान को वापस लेना उचित समझता है। उम्मीद है कि सरकार अपने वचन का पालन करेगी।
अगला लेख
Redmi Note 17 Pro Max 5G India Launch: भारत में जल्द दस्तक देगा Xiaomi का नया स्मार्टफोन, 10,000mAh बैटरी समेत मिलेंगे ये दमदार फीचर्स