अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से : बीरबल की पैनी दृष्टि

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'दीवानजी! दीन ट्टहीन की पुकार आपने सुनी नहीं?' पीछे आ रहे व्यक्ति ने कहा।

बीरबल बोले, 'जो मुझे पापी बनाए मैं उसकी पुकार कैसे सुन सकता हूं?'

'क्या कहा? क्या आप मेरी सहायता करके पापी बन जांएगे?'

'हां, वह इसलिए कि शास्त्रों में लिखा है कि बच्चे का जन्म होने से पहले ही भगवान उसके भोजन का प्रबंध करते हुए उसकी मां के स्तनों में दूध दे देता है, उसके लिए भोजन की व्यवस्था भी कर देता है। यह भी कहा जाता है कि भगवान इंसान को भूखा उठाता है पर भूखा सुलाता नहीं है।

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इन सब बातों के बाद भी तुम अपने आपको आठ दिन से भूखा कह रहे हो। इन सब स्थितियों को देखते हुए यहीं समझना चाहिए कि भगवान तुमसे रूष्ट हैं और वह तुम्हें और तुम्हारे परिवार को भूखा रखना चाहते हैं लेकिन मैं उसका सेवक हूं, अगर मैं तुम्हारा पेट भर दूं तो ईश्वर मुझ पर रूष्ट होगा ही। मैं ईश्वर के विरूद्ध नहीं जा सकता, न बाबा ना! मैं तुम्हें भोजन नहीं करा सकता, क्योंकि यह सब कोई पापी ही कर सकता है।'

बीरबल का जवाब सुनकर भीख मांग रहे व्यक्ति ने क्या किया...




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