टीम इंडिया का विजयी शंखनाद
बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में रविवार की रात भारत ने तीन बार की विश्व चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया को अभ्यास मैच में 38 रनों से हराकर इस विश्वकप में विजयी शंखनाद किया है और साथ ही साथ ये उम्मीद भी बंधा दी है कि यदि गेंदाबाजों के साथ बल्लेबाजों ने भी अपना जलवा दिखाया तो विश्वकप धोनी के हाथों में ही होगा।
अभ्यास मैच का महत्व इसलिए और अधिक बढ़ गया था क्योंकि दक्षिण अफ्रीका के बाद धोनी की टीम इंडिया पहली बार मैदान में उतरी थी और उसके सामने पोटिंग की ताकतवर सेना थी, जिसे अपनी तेज गेंदबाजी पर काफी गुमान था। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों ने अपना करिश्मा दिखाया भी और भारत के पाँच स्टार बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर खड़ा करने से रोक दिया।
गौतम गंभीर 6, विराट कोहली 21, युवराज सिंह 1, कप्तान धोनी 11 और सुरेश रैना जब केवल 12 रन पर आउट हो जाएँ तो समझा जा सकता है कि ऑस्ट्रेलिया के तेज आक्रमण ने कैसा कहर ढाया होगा। भला हो वीरेन्द्र सहवाग का जिन्होंने 56 गेंदों पर 54 और यूसुफ पठान ने 32 रन बना डाले, जिससे भारत 44.3 ओवर में 214 रन बनाने में सफल रहा।
अब जिम्मेदारी भारतीय आक्रमण की थी, जिसे 214 के मामूली स्कोर का बचाव करना था। जहीर खान चोटिल थे, जिसकी वजह से आशीष नेहरा ने 2 ओवर में 12 रन और श्रीसंथ ने 5 ओवर में 21 रन दिए। नेहरा का तो अपना खाता नहीं खोल सके, अलबत्ता श्रीसंथ ने जरूर वॉटसन को 33 रनों के स्कोर पर पीयूष चावला के हाथों कैच करवाया।
धोनी को समझ में आ गया था कि यहाँ पर तेज गेंदबाज अपना असर नहीं दिखा पाएँगे, यही कारण रहा कि उन्होंने स्पिन तिकड़ी पीयूष चावला, हरभजन सिंह और आर.अश्विन को मोर्चे पर लगाया। तीनों ने ऑस्ट्रेलिया के किले में सेंध लगाई और धोनी के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ा दी। चावला ने 31 रन देकर 4, हरभजन 15 रन देकर 3 और अश्विन 47 रन देकर 1 विकेट लेने में सफल रहे। ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 37.5 ओवर में 176 रनों पर ही ढेर हो गई। इस तरह भारत 38 रन से यह मैच जीतने में सफल रहा।
भारत को विश्वकप में उतरने के पूर्व एक अभ्यास मैच न्यूजीलैंड के साथ खेलना है। जहीर खान तो इस मैच में नहीं खेलेंगे अलबत्ता मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर के जरूर मैदान में उतरने की संभावना जताई गई है। (वेबदुनिया न्यूज)
अभ्यास मैच का महत्व इसलिए और अधिक बढ़ गया था क्योंकि दक्षिण अफ्रीका के बाद धोनी की टीम इंडिया पहली बार मैदान में उतरी थी और उसके सामने पोटिंग की ताकतवर सेना थी, जिसे अपनी तेज गेंदबाजी पर काफी गुमान था। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों ने अपना करिश्मा दिखाया भी और भारत के पाँच स्टार बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर खड़ा करने से रोक दिया।
गौतम गंभीर 6, विराट कोहली 21, युवराज सिंह 1, कप्तान धोनी 11 और सुरेश रैना जब केवल 12 रन पर आउट हो जाएँ तो समझा जा सकता है कि ऑस्ट्रेलिया के तेज आक्रमण ने कैसा कहर ढाया होगा। भला हो वीरेन्द्र सहवाग का जिन्होंने 56 गेंदों पर 54 और यूसुफ पठान ने 32 रन बना डाले, जिससे भारत 44.3 ओवर में 214 रन बनाने में सफल रहा।
अब जिम्मेदारी भारतीय आक्रमण की थी, जिसे 214 के मामूली स्कोर का बचाव करना था। जहीर खान चोटिल थे, जिसकी वजह से आशीष नेहरा ने 2 ओवर में 12 रन और श्रीसंथ ने 5 ओवर में 21 रन दिए। नेहरा का तो अपना खाता नहीं खोल सके, अलबत्ता श्रीसंथ ने जरूर वॉटसन को 33 रनों के स्कोर पर पीयूष चावला के हाथों कैच करवाया।
धोनी को समझ में आ गया था कि यहाँ पर तेज गेंदबाज अपना असर नहीं दिखा पाएँगे, यही कारण रहा कि उन्होंने स्पिन तिकड़ी पीयूष चावला, हरभजन सिंह और आर.अश्विन को मोर्चे पर लगाया। तीनों ने ऑस्ट्रेलिया के किले में सेंध लगाई और धोनी के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ा दी। चावला ने 31 रन देकर 4, हरभजन 15 रन देकर 3 और अश्विन 47 रन देकर 1 विकेट लेने में सफल रहे। ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 37.5 ओवर में 176 रनों पर ही ढेर हो गई। इस तरह भारत 38 रन से यह मैच जीतने में सफल रहा।
भारत को विश्वकप में उतरने के पूर्व एक अभ्यास मैच न्यूजीलैंड के साथ खेलना है। जहीर खान तो इस मैच में नहीं खेलेंगे अलबत्ता मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर के जरूर मैदान में उतरने की संभावना जताई गई है। (वेबदुनिया न्यूज)
