Last Modified: नई दिल्ली ,
शुक्रवार, 28 जनवरी 2011 (20:03 IST)
चटगाँव में हावी रहे हैं गेंदबाज
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अगले महीने उपमहाद्वीप में शुरू हो रहे आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2011 में ग्रुप 'बी' के दो लीग मैच चटगाँव के जाहुर अहमद चौधरी स्टेडियम में होंगे जो इससे पहले बल्ले और गेंद के बीच कड़े संघर्ष का गवाह रहा है।
जाहुर अहमद चौधरी स्टेडियम में पहला मैच मेजबान बांग्लादेश और इंग्लैंड के बीच 11 मार्च को दिन-रात्रि का जबकि दूसरा मैच बांग्लादेश और हालैंड के बीच 14 मार्च को होगा। यह दोनों मैच ग्रुप बी के हैं जिसमें भारत, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और आयरलैंड की टीमें भी शामिल हैं।
बांग्लादेश के लिहाज से चटगाँव में होने वाले दोनों ही मैच काफी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि हर ग्रुप से चार टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुँचेंगी। किसी टीम के लिए बांग्लादेश को कम आँकना भी भूल साबित हो सकती है क्योंकि वर्ष 2007 विश्व कप में बांग्लादेश ने ग्रुप मैच में भारत को मात देकर उसका अभियान पहले दौर में ही समाप्त कर दिया था।
चटगांव में अब तक नौ अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मैच आयोजित हो चुके हैं जबकि दो वनडे मैच रद्द हुए हैं, जिसमें भारत और बांग्लादेश के बीच 15 मई 2007 को रद्द हुआ मैच भी शामिल है।
सभी नौ वनडे मैचों में बांग्लादेश ने भाग लिया है, जिसमें से मेजबान टीम ने चार में जीत हासिल की जबकि पाँच मैच में उसे हार का सामना करना पड़ा।
बांग्लादेश ने इन चार जीतों में से तीन जीत जिम्बॉब्वे और एक जीत स्काटलैंड के खिलाफ हासिल की। इस मैदान पर बांग्लादेश अब तक कोई उलटफेर करने में असफल रहा है और उसे श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड से हार का सामना करना पड़ा।
विश्वकप के मुकाबले से पहले बांग्लादेश और इंग्लैंड इस मैदान पर एक बार मार्च 2010 में भिड़ चुके हैं और इंग्लैंड टीम ने इस मैच में बाजी मारी थी। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुये क्रेग कीसवेटर (107) के शतक की मदद से पाँच विकेट के नुकसान पर 284 रन बनाए लेकिन बांग्लादेशी टीम नौ विकेट पर 239 रन ही बना सकी और 45 रन से हार गई।
उपमहाद्वीप की पिचें भले ही बल्लेबाजों की मददगार मानी जाती हों लेकिन चटगाँव के इस मैदान पर अब तक एक बार कोई टीम 300 रन के पार का स्कोर हासिल कर पाई है। श्रीलंका ने बायें हाथ के बल्लेबाज कुमार संगकारा की 109 रन की शतकीय पारी की मदद से 50 ओवर में 309 रन बनाए थे। बांग्लादेश यह मैच 78 रन से हार गया था ।
इस मैदान पर न्यूनतम स्कोर जिम्बाब्वे का रहा है जब नवंबर 2009 में उसकी टीम मेजबानों के खिलाफ 24.5 ओवर में 44 रन पर ढेर हो गई थी और बांग्लादेश ने इस मुकाबले को छह विकेट से जीत लिया।
इस मैदान पर सबसे ज्यादा रन बटोरने वाले बल्लेबाजों की बात की जाए तो बांग्लादेश के बल्लेबाजों का दबदबा रहा है। सलामी बल्लेबाज और विश्व कप में मेजबान टीम की उपकप्तानी का जिम्मा संभालने को तैयार तमीम इकबाल ने यहां छह मैचों में 39.33 की औसत से 236 रन बनाए हैं, जिसमें दो अर्धशतक शामिल हैं।
गेंदबाजी में भी बांग्लादेश के गेंदबाजों ने विपक्षी बल्लेबाज पर लगाम कसी है। ऑलराउंडर की भूमिका निभाने वाले कप्तान शाकिब अल हसन ने यहां खेले सात मैचों में 14 विकेट लिए हैं, जिसमें आठ रन देकर तीन विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। विकेटों की सूची में दूसरा नंबर अब्दुर रज्जाक का है जिन्होंने आठ मैचों में 13 विकेट लिए हैं।
अगर सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी की बात की जाए तो इंग्लैंड के तेज गेंदबाज टिम ब्रेसनन ने बांग्लादेश के खिलाफ नौ ओवर में 28 रन देकर चार विकेट लिए थे। (भाषा)
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