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क्या CAB का विरोध कर रहे लोगों पर असम पुलिस ने चलाई गोलियां, जानिए वायरल वीडियो का सच...
संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) 2019 पर अब राष्ट्रपति ने भी मुहर लगा दी है। देशभर में इसके बिल का विरोध हो रहा है, खासकर उत्तर पूर्व के राज्यों में। इस बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो असम में CAB का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फायरिंग की है।
क्या है वायरल वीडियो में-
वायरल वीडियो में दो पुलिसवाले भीड़ पर गोली चलाते नजर आ रहे हैं। देखा जा सकता है कि गोली चलने के बाद एक-दो लोगों को गोली लगती है जिन्हें स्ट्रेचर पर ले जाया जा रहा है।
Check India and Assam. It's burning. social network blocked. Amenities blocked and people are being killed with the passing of the #CABBill2019
— Medhabrata Buragohain (@medhabrata) December 12, 2019
Show the world how the "largest democracy" is treating its democracy as the news channels are barred to spread the issue. pic.twitter.com/FYAyPg18X1
क्या है सच-
गूगल क्रोम एक्सटेंशन InVID का इस्तेमाल करते हुए हमने वीडियो के कुछ कीफ्रेम निकाले और फिर उनको रिवर्स इमेज सर्च किया, तो पाया कि वायरल वीडियो झारखंड पुलिस के मॉक ड्रिल का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खूंटी में अक्तूबर 2017 में पुलिस ने मॉक ड्रिल किया था।
बता दें, यह वीडियो इससे पहले भी सोशल मीडिया पर अलग-अलग जगहों के नाम से वायरल किया जा चुका है। इसे मध्य प्रदेश के मंदसौर में किसानों पर पुलिस फायरिंग और कश्मीरियों पर पुलिस फायरिंग के रूप में शेयर किया जा चुका है।
वेबदुनिया की पड़ताल में पाया गया है कि असम में CAB का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फायरिंग के नाम पर शेयर किया जा रहा वीडियो फेक है। यह 2017 के झारखंड पुलिस के मॉक ड्रिल का वीडियो है।
