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Last Modified: लखनऊ , सोमवार, 30 मार्च 2026 (18:38 IST)

PCS-2024 में ‘योगी मॉडल’ का जलवा, यूपी की पारदर्शी परीक्षा प्रणाली पर देशभर का भरोसा, 10 राज्यों के अभ्यर्थी सफल

PCS 2024 UPPSC result
उत्तरप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित पीसीएस-2024 परीक्षा का परिणाम न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत लेकर आया है। इस बार चयन सूची में उत्तर प्रदेश के अलावा 10 अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यूपी की परीक्षा प्रणाली अब राष्ट्रीय स्तर पर भरोसे का प्रतीक बन चुकी है। उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं की बदलती तस्वीर अब पूरे देश के सामने एक मजबूत उदाहरण के रूप में उभर रही है। योग्यता आधारित चयन और पूरी पारदर्शिता के चलते यूपी की परीक्षाएं आज राष्ट्रीय स्तर पर विश्वसनीय बन चुकी हैं।

यही कारण है कि अन्य राज्यों के युवाओं का भरोसा भी लगातार बढ़ रहा है और वे बड़ी संख्या में इन परीक्षाओं में भाग लेकर सफलता प्राप्त कर रहे हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकसित “यूपी मॉडल” पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक मानक बनता जा रहा है, जहां प्रतिभा को निष्पक्ष अवसर मिलता है और मेहनत का सीधा परिणाम दिखाई देता है।

अभ्युदय योजना का प्रभाव, 43 अभ्यर्थियों ने पाई सफलता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी अभ्युदय कोचिंग योजना का सकारात्मक प्रभाव भी इस परिणाम में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। इस योजना के अंतर्गत तैयार किए गए 43 अभ्यर्थियों का पीसीएस-2024 में सफल होना यह दर्शाता है कि आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को अब गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध हो रहे हैं। निःशुल्क कोचिंग, मेंटरशिप और प्रतिस्पर्धी माहौल ने इन अभ्यर्थियों को नई दिशा दी है, जिससे वे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता हासिल कर पा रहे हैं। यह उपलब्धि न केवल योजना की प्रभावशीलता को प्रमाणित करती है, बल्कि “योगी मॉडल” के उस विजन को भी मजबूत करती है, जिसमें हर प्रतिभा को आगे बढ़ने का समान अवसर देने की प्रतिबद्धता निहित है।
 
पारदर्शिता से बढ़ा आकर्षण
चयनित अभ्यर्थियों में उत्तर प्रदेश के साथ-साथ बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, झारखंड, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ जैसे 10 राज्यों के उम्मीदवारों की उल्लेखनीय उपस्थिति यह दर्शाती है कि यूपी की परीक्षाएं अब राष्ट्रीय आकर्षण का केंद्र बन चुकी हैं। कुल 932 चयनित अभ्यर्थियों में जहां 92.7% (864) उत्तर प्रदेश डोमिसाइल हैं, वहीं 7.3% (68) अन्य राज्यों से आकर सफलता प्राप्त कर रहे हैं, जो इस व्यवस्था की विश्वसनीयता का बड़ा प्रमाण है।
 
सबको समान अवसर
राज्यवार आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि मध्य प्रदेश से 20 (2.15%), हरियाणा से 18 (1.93%), बिहार से 12 (1.29%), दिल्ली से 9 (0.97%) अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की। वहीं राजस्थान, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, पंजाब, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से भी अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश की परीक्षा प्रणाली में स्थानीय के साथ ही अन्य राज्यों के उम्मीदवार भी बराबरी से प्रतिस्पर्धा कर सफलता प्राप्त कर रहे हैं, जो इसकी पारदर्शिता और निष्पक्षता का मजबूत संकेत है। 
 
हर जिले से प्रतिभा का उदय
इस परीक्षा का जिला-वार विश्लेषण उत्तर प्रदेश में अवसरों के व्यापक विस्तार की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है। प्रदेश के 75 में से 74 जिलों के अभ्यर्थियों का चयन होना इस बात का प्रमाण है कि अब प्रतिभा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि हर कोने से उभर रही है। चयनित अभ्यर्थियों में लखनऊ (8.24%), प्रयागराज (5.34%), कानपुर नगर (4.52%), आगरा (3.02%) के साथ अयोध्या (2.78%) टॉप 5 में शामिल हैं, जो प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों की मजबूत उपस्थिति को दर्शाते हैं। वहीं दूसरी ओर संभल, कन्नौज, कासगंज, महोबा और फतेहगढ़ जैसे अपेक्षाकृत छोटे एवं पिछड़े जनपदों से भी अभ्यर्थियों की सफलता यह साबित करती है कि अब व्यवस्था वास्तव में समावेशी हो चुकी है और अवसर प्रदेश के हर जिले तक समान रूप से पहुंच रहे हैं।
 
संतुलित सामाजिक प्रतिनिधित्व
वर्गवार आंकड़ों में स्पष्ट संतुलन दिखाई देता है, जो चयन प्रक्रिया की समावेशी और न्यायसंगत प्रकृति को रेखांकित करता है। सामान्य वर्ग से 357, ओबीसी से 270, एससी से 186, ईडब्ल्यूएस से 97 और एसटी वर्ग से 22 अभ्यर्थियों का चयन इस बात का प्रमाण है कि अवसर सभी वर्गों तक समान रूप से पहुंचे हैं। विशेष रूप से टॉप 20 में 8 अभ्यर्थियों का ओबीसी वर्ग से होना दर्शाता है कि प्रदेश में पिछड़े वर्ग के युवाओं को वास्तविक भागीदारी और प्रतिस्पर्धा का समान अवसर मिल रहा है। वहीं, आधी आबादी की सशक्त उपस्थिति भी इस परिणाम में साफ झलकती है। टॉप 5 में 80% महिला अभ्यर्थियों का दबदबा यह साबित करता है कि अब महिलाएं न केवल भागीदारी कर रही हैं, बल्कि शीर्ष स्थानों पर भी मजबूती से अपनी जगह बना रही हैं। Edited by : Sudhir Sharma
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