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Last Modified: बुधवार, 3 सितम्बर 2025 (00:14 IST)

Flood Uttar Pradesh : UP में बारिश का कहर, नदियों में उफान, कई जिलों में स्कूल बंद

रुहेलखंड में टूटा 6 साल का बारिश रिकॉर्ड, मथुरा में 3 और 4 सितंबर को कक्षा 12 तक के स्कूल बंद

Flood situation in Uttar Pradesh
उत्तरप्रदेश इन दिनों भारी बारिश का कहर जारी है। कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, मानसूनी संकट से कई जिले जूझ रहे है। सरकार की तरफ से प्रभावी कदम भी उठाए जा रहे हैं, एडवाइजरी जारी की जा रही है कि खादर क्षेत्रों में, नदी के आसपास न जायें, बिजली के नंगे तारों पोल से बचकर रहें, अति आवश्यक कार्य होने पर घर से बाहर निकले, ताकि लोग सुरक्षित रहें। लेकिन इस सबके बावजूद राज्य के कई जिलों में तेज और लगातार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है।

फतेहपुर में घर गिरने से 2 लोगों की मौत, हरदोई में फसल डूबने से एक किसान की आत्महत्या और मेरठ में पेड़ गिरने से 2 लोगों की मौत जैसी घटनाओं ने हालात की गंभीरता को उजागर किया है। जलभराव की स्थिति इतनी भयावह है कि कई जिलों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है जबकि नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है।
 
बाढ़ के हालात, नदियों में उफान
तराई के जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण शारदा, यमुना और गंगा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है।
खीरी और पीलीभीत में शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 31 सेंटीमीटर ऊपर है। बनबसा बैराज से 1.82 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे 54 तटीय गांवों को अलर्ट कर दिया गया है। एनडीआरएफ की टीमें मौके पर तैनात हैं। मथुरा में ताजेवाला डैम से छोड़े गए 3.5 लाख क्यूसेक पानी के चलते यमुना का जलस्तर 38 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी से शामली और बागपत में बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं।
फतेहपुर-हरदोई में मौतें मेरठ में पेड़ गिरने से हादसा
फतेहपुर में मंगलवार को भारी बारिश के दौरान दो मकान धराशायी हो गए, जिससे दो लोगों की मौत हो गई। हरदोई के मल्लावां क्षेत्र में एक किसान ने फसल डूबने और आर्थिक तंगी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। बताया गया कि किसान कर्ज के बोझ, पत्नी की बीमारी और बेटी की शादी को लेकर मानसिक तनाव में था। मेरठ में भी बीते कल तेज बारिश और आंधी के चलते यूकेलिप्टस के पेड़ गिरने से दो लोगों की जान चली गई। शहर की सड़कों पर जलभराव के चलते पुलिस ने लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। जलभराव के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
स्कूलों पर असर, कई जिलों में अवकाश घोषित
तेज बारिश, जलभराव और संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने कई जिलों में स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी किए हैं। रुहेलखंड क्षेत्र में भारी वर्षा ने पिछले छह सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बरेली में मात्र 11 घंटे में 125 मिमी वर्षा दर्ज की गई। शहर की अधिकांश सड़कें जलमग्न हैं और यातायात पूरी तरह प्रभावित है। लोग घरों में कैद हो गए हैं और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई है।
काशी में तूफानी बारिश, बलिया में गंगा का कटाव
वाराणसी में तेज बारिश और आंधी ने कहर बरपाया। 70 मिमी बारिश और तेज हवा से कई स्थानों पर पेड़ गिर गए, जिससे एक युवक घायल हो गया। शहर के कई इलाकों में बिजली सप्लाई ठप हो गई है। बलिया में गंगा नदी के किनारे कटाव जारी है। बीते 3 घंटे में 10 मकान नदी में समा गए, जिससे लोग दहशत में हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट जारी
अमौसी स्थित मौसम विभाग ने सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस सहित 40 से अधिक जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। प्रशासन को सतर्क रहने और राहत-बचाव कार्यों के लिए टीमें अलर्ट मोड पर रखी गई है। Edited by : Sudhir Sharma
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