पढ़ि‍ए, निदा फाज़ली की 5 मशहूर नज़्में

WD|
सफर में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो
सभी हैं भीड़ में तुम भी निकल सको तो चलो
यहां किसी को कोई रास्ता नहीं देता
मुझे गिरा के अगर तुम संभल सको तो चलो

हर इक सफर को है महफूज रास्तों की तलाश
हिफाज़तों की रवायत बदल सको तो चलो

यही है ज़िंदगी, कुछ ख्वाब, चंद उम्मीदें
इन्हीं खिलौनों से तुम भी बहल सको तो चलो
किसी के वास्ते राहें कहां बदलती हैं
तुम अपने आपको खुद ही बदल सको तो चलो

 

और भी पढ़ें :