हसीन ख़ता Written By: WD Updated: Sat, 31 Aug 2013 (15:29 IST) google-news FILE की है कोई हसीन ख़ता हर ख़ता के साथ,थोड़ा-सा प्यार भी मुझे दे दो सज़ा के साथगर डूबना ही अपना मुक़द्दर है तो सुनो,डूबेंगे हम ज़रूर मगर नाख़ुदा के साथ।-कैफ़ी आज़मी हमारे साथ WhatsApp पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें हमारे साथ Telegram पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें