1. खेल-संसार
  2. अन्य खेल
  3. समाचार
  4. Sushil Kumar, India, Rio Olympics,
Written By
Last Modified: बुधवार, 13 जनवरी 2016 (19:33 IST)

पहलवान सुशील की नजरें चौथे रियो ओलंपिक पर

Sushil Kumar
नई दिल्ली। भारत के एकमात्र दो बार के व्यक्तिगत पदक विजेता सुशील कुमार ने कहा है कि वह रियो डि जनेरियो में इस साल अपने चौथे ओलंपिक में हिस्सा लेने के लिए तैयार है और उन्होंने साथ ही उम्मीद जताई कि वह 2020 प्रतियोगिता तक फिट रहेंगे।
सुशील ने इससे पहले संकेत दिए थे कि रियो ओलंपिक उनका अंतिम ओलंपिक होगा लेकिन अब वह टोक्यो 2020 में पांचवीं बार हिस्सा लेने के विचार के खिलाफ नहीं हैं। सुशील के मित्र और साथी पहलवान योगेश्वर दत्त हालांकि पहले की स्पष्ट कर चुके हैं कि वे रियो में अंतिम बार ओलंपिक में हिस्सा लेंगे।
 
विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों की मदद के लिए अपने अभियान ‘सुशील4स्पोर्ट्स’ के लांच के बाद सुशील ने कहा, ‘मुझे याद नहीं कि मैंने कहा था कि रियो मेरा अंतिम ओलंपिक होगा। यह मेरी इच्छा नहीं है। मेरी इच्छा अधिक से अधिक समय तक प्रतिस्पर्धा पेश करने की है और अगर मैं फिटनेस बरकरार रखता हूं तो फिर 2020 ओलंपिक क्यों नहीं। तब तक बॉडी फिट है तब तक खेलते रहेंगे।’ 
 
सुशील को रियो ओलंपिक में जगह बनाने के लिए पुरूष 74 किग्रा ट्रायल में नरसिंह यादव को हराना होगा। नरसिंह ने पिछले साल सितंबर में लास वेगास में हुई विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीतकर भारत के लिए ओलंपिक कोटा हासिल किया था।
 
यह पूछने पर कि क्या उन पर ट्रायल का दबाव है, सुशील ने कहा, ‘जहां तक मेरा और नरसिंह का सवाल है तो यह सामान्य सी बात है। जो भी ट्रायल में जीतेगा वह रियो में जाएगा। हम कई वषरें से एक साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं और हम मित्र हैं। हर बार क्वालीफाइंग को लेकर अलग स्थिति होती है। मैंने 2012 में भी अंतिम लम्हों में क्वालीफाई किया था जबकि 2008 और 2004 ओलंपिक में मैंने काफी पहले अपनी जगह पक्की कर ली थी।’ 
 
उन्होंने कहा, ‘मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि अभी मै पूरी तरह से फिट हूं। मैं सोनीपत में शुरू हो रहे राष्ट्रीय शिविर का हिस्सा रहूंगा। इसके बाद गुरुजी (कोच सतपाल) ने अमेरिका में दो महीने का कार्यक्रम तैयार किया है जहां मैं विशेषज्ञ पुरुष 74 किग्रा कोच के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग लूंगा।’
 
हाल में प्रो कुश्ती लीग में नहीं खेलने पर सुशील ने कहा, ‘जो लोग मुझे जानते हैं उन्हें पता है कि मैं सामान्य व्यक्ति हूं। जहां यहां स्टेडियम (छत्रसाल स्टेडियम) में नवीनीकरण का काम चल रहा था तब भी मैं यहां ट्रेनिंग करता था। मैं अब भी जमीन पर सोता हूं। प्रो कुश्ती लीग अब आई है, मैं 1994 से कुश्ती कर रहा हूं। उन्हें यह जानने के बाद ही टिप्पणी करनी चाहिए थी कि मैं कैसा व्यक्ति हूं। मैं लीग के लिए खुद को तैयार करने के लिए ही जार्जिया गया था लेकिन मैं चोटिल हो गया और मुझे हटना पड़ा।’ (भाषा)