इन्दौर। सेन्ट्रल जिमखाना क्लब द्वारा प्रकाश सोनकर की स्मृति में आयोजित अखिल भारतीय बैली गोल्ड कप नकद इनामी फुटबॉल स्पर्धा में बीईजी पुणे ने गुवाहाटी टाउन आसाम को सडनडेथ में 6-5 से पराजित कर विजेता बनने का गौरव अर्जित किया। पुणे को गोल्ड कप के साथ 80000 तथा आसाम की टीम को 50000 रुपए की नकद इनामी राशि प्रदान की गई।
स्थानीय नेहरू स्टेडियम में पांच हजार से अधिक दर्शकों की मौजूदगी में खेले गए इस फाइनल मुकाबले में मैच की शुरुआत से ही आसाम की टीम हावी नजर आ रही थी, और लगातार पुणे के गोलपोस्ट पर हमले बोल रही थी लेकिन पहला हॉफ गोलरहीत ही रहा, दूसरे हॉफ में पुणे की टीम ने पलटवार करते हुए कई अच्छे मूव बनाए।
पूरे मैच में दोनों टीमों की रक्षा पंक्ति व गोलकीपर इतने सशक्त थे कि निर्धारित समय तक कोई गोल नहीं हो सका। नतीजे के लिए टाईब्रेकर का सहारा लेना पड़ा, जिसमें भी दोनों टीमें 3-3 गोल की बराबरी पर थी। अंत: रोमांचक सडनडेथ में बाजी पुणे के पक्ष में 6-5 से रही। फाइनल का रोमांच भले ही ज्यादा न हो, लेकिन जिस तरह टाईब्रेकर व सडनडेथ में दोनों टीमों के गोलकीपरों ने जो जांबाज प्रदर्शन किया, उससे इंदौरी दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
स्पर्धा के पुरस्कार एडीजी विपिन माहेश्वरी के मुख्य आतिथ्य में वितरीत किए गए। अध्यक्षता निशा प्रकाश सोनकर ने की। विशेष अतिथि के रूप में सज्जन सिंह वर्मा, महेंद्र हार्डिया, विष्णु बिंदल, संजय लुनावत, रमेश मूलचंदानी, मुकेश कचोलिया, डॉ. ओ.पी. अग्रवाल, जितेंद्र गर्ग, अरविंद तिवारी, अनिल खंडेलवाल, पूनम सिलावट व रमेश खंडेलवाल मौजूद थे।
स्वागत विजय सोनकर, पवन सिंघल, मनोज काला, मोहन कप्तान, मनोहर मस्ताना, शंकर ट्राली, राजा सोडानी, शरद गोयल, राजाराम सिलावट, सुभाष अग्रवाल व नितिन सिलावट ने किया। संचालन सुरेश ऐरन ने किया तथा आभार संजय बांकड़ा ने माना।
स्पर्धा के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर पुणे के इशानू घोष रहे। पहले चरण में शीर्ष चार स्थानों पर रहने वाली आदिवासी क्लब, स्पोर्टिंग यूनियन, चैलेंजर यूनाईटेड व न्यू यूनाईटेड महू को भी पुरस्कृत किया गया।
स्थानीय टीमों में श्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार धर्मेंद्र खरे को प्रदान किया गया। साथ ही अतिथियों ने स्पर्धा में अपना अमूल्य योगदान देने पर जमना सिलावट, सुरेश ऐरन व शेख हमीद को भी विशेष रूप से सम्मानित किया।