14 दिसंबर को वृश्चिक राशि में सूर्यग्रहण, जानिए खास बातें और 12 राशियों पर असर


इस लगेगा,
आइए जानें खास बातें

इस के दौरान बन रहा है। राहु की दृष्टि बृहस्पति पर रहेगी। बृहस्पति मकर राशि में शनि के साथ विराजमान है। गुरु चंडाल योग का निर्माण अप्रैल 2021 तक बना हुआ है।

जिन लोगों की जन्म कुंडली में पहले से ही गुरु चंडाल योग बना हुआ है उन्हें विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सूर्य ग्रहण और ग्रहों की स्थिति के कारण दिसंबर से अप्रैल तक उथल पुथल की स्थिति बनी रहेगी। यह समय आम जनता के लिए भी परेशानी भरा हो सकता है।

मार्गशीर्ष माह (अगहन माह) में लगने वाला यह ग्रहण महिलाओं, गर्भवती महिलाओं, चिकित्सक, व्यापारी, विषैले हथियारों का प्रयोग करने वाले योद्धाओं के लिए अहितकर होगा। पेड़-पौधों की क्षति और पशुधन का नाश होगा। पित्त का प्रकोप बढ़ेगा और आंखों से संबंधित बीमारियां बढ़ेंगी।
गर्भवती महिलाओं के लिए ग्रहण के दौरान विशेष विधान बताए जाते हैं। गर्भ के तीसरे महीने में पुंसवन संस्कार किया जाता है। गर्भस्थ शिशु के लिए यह माह बहुत संवेदनशील होता है। इस समय वैदिक मंत्रोच्चार के साथ-साथ आहार परिवर्तन और औषधीय प्रयोग द्वारा गर्भस्थ शिशु पर कई तरह के प्रभाव डाले जा सकते हैं।

गर्भवस्था के दौरान सूर्यग्रहण होने पर खाने-पीने और शुचिता का ध्यान रखें। दान करें। सूर्य उपासना के साथ आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
14 दिसंबर को इस साल का अंतिम सूर्यग्रहण लगने जा रहा है। वैसे तो यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। लेकिन वृश्चिक राशि में होने वाले सूर्य ग्रहण के समय बनने वाले योगों का प्रभाव भारत के लिए भी महत्वपूर्ण रहने वाला है।

विशेष : सूर्यग्रहण हर वर्ष कम से कम चार बार और अधिकतम सात बार होता है। ग्रहण का उल्लेख कई सारे धर्मग्रंथों में भी है, जैसे ऋग्वेद में ऋषि अत्रि ने स्वरभानु नामक असुर द्वारा सूर्य को अपनी गिरफ्त में लेने की बात कही है। जिसकी वजह से पृथ्वी पर गहन अंधकार छा जाता है।
स्वरभानु के सूर्य को अपनी गिरफ्त में लेने की वजह से वायु ने अपनी दिशा बदल ली। समुद्र जल के गुणों में परिवर्तन होने लगते हैं। अत्रि ऋषि जल की अम्लीयता व क्षारीयता में परिवर्तन की बात करते हैं। समुद्र जल में आए इस परिवर्तन की वजह से समुद्र में रहने वाले जीवों व जंतुओं पर प्रभाव पड़ता है।

ग्रहों के आपसी तालमेल में गड़बड़ी की वजह से पेड़-पौधों में आने वाले फूलों और फलों की संरचना पर असर होता है। रामचरितमानस और वाल्मीकि रामायण में अरण्य कांड में ग्रहण की चर्चा की गई है। भगवद्गीता में भी एक ही पक्ष में दो ग्रहण, और उनके असर की बात कही गई है।
अक्सर सूर्यग्रहण के साथ-साथ ही युद्ध चलता है। तमाम ऐसे बड़े युद्ध मिलते हैं, जिनकी शुरुआत ग्रहण के आसपास हुई है।
जानिए सूर्य ग्रहण के दौरान के ग्रह गोचर का क्या होगा असर 12 राशियों पर...


मेष राशि-
जिद एवं आवेश पर नियंत्रण रखते हुए कार्य करेंगे तो अच्छे सफल रहेंगे। कार्य क्षेत्र में भी झगड़े विवाद से दूर रहें और उच्चाधिकारियों से मधुर संबंध बनाए रखें।
वृषभ राशि- कोर्ट कचहरी के मामले भी बाहर ही सुलझा लें तो बेहतर रहेगा। यात्रा देशाटन का संयोग बनेगा। स्वभाव में लचीलापन तथा योजनाओं को गोपनीय रखते हुए कार्य करेंगे तो सफल रहेंगे।

मिथुन राशि- परिवार के वरिष्ठ सदस्यों एवं भाइयों से मतभेद गहरा सकता है इसे ग्रह योग समझकर बढ़ने ना दें। संतान संबंधी चिंता से मुक्ति मिलेगी।

कर्क राशि- क्रोध पर नियंत्रण रखें। नौकरी में स्थान परिवर्तन तथा नई सर्विस के भी योग बन रहे हैं। जमीन जायदाद से जुड़े हुए मामलों का निपटारा होगा। वाहन का क्रय भी कर सकते हैं।
सिंह राशि- धर्म-कर्म के मामलों में रुचि बढ़ेगी। विद्यार्थियों एवं प्रतियोगियों को परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए कठिन प्रयास करने होंगे। विदेशी नागरिकता के लिए आवेदन करना बेहतर रहेगा।

कन्या राशि- बुरे लोगों की संगति से भी बचें अन्यथा आरोप-प्रत्यारोप का शिकार हो सकते हैं। अपने माता पिता के स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें।

तुला राशि- शासन सत्ता का पूर्ण सहयोग हासिल होगा। सरकारी सर्विस हेतु आवेदन करना भी बेहतर रहेगा। कोर्ट कचहरी के मामलों में भी निर्णय आपके पक्ष में आने के संकेत हैं।
वृश्चिक राशि- धन उधार के रूप में न दें अन्यथा धन के समय पर मिलने में संदेह। रोजगार की दिशा में किए गए प्रयास सार्थक रहेंगे। राजनीतिज्ञों तथा उच्चाधिकारियों से संबंध बढ़ेंगे और लाभ भी होगा।

धनु राशि- शत्रुओं को परास्त कर लेंगे किंतु, संतान संबंधी चिंता तंग कर सकती है। शिक्षा प्रतियोगिता में अच्छी सफलता प्राप्ति के भी योग। बड़े भाइयों से मतभेद बढ़ने न दें।
मकर राशि- सरकारी विभागों से किसी भी तरह का कार्य संपन्न करवाना हो तो अवसर अच्छा है। सामाजिक कार्यों में भी हिस्सा लेंगे, पद प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी किन्तु तनाव और विवाद पीछा नहीं छोड़ेगा।

कुंभ राशि-
इस अवधि के मध्य किसी को भी अधिक धन उधार के रूप में न दें अन्यथा समय पर वापस मिलने में संदेह रहेगा। विदेशी नागरिकता के लिए आवेदन करने की दृष्टि से गोचर अनुकूल।
मीन राशि- आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। महंगी वस्तु का क्रय करेंगे। मकान-वाहन खरीदने का संकल्प भी पूर्ण हो सकता है। विद्यार्थियों अथवा प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों के लिए समय अनुकूल रहेगा। यात्रा सावधानीपूर्वक करें, वाहन दुर्घटना से बचें।



और भी पढ़ें :