ब्रह्मांड में कौन किससे बड़ी शक्ति है?

अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'|
: में जो आत्मा है वह जब देह छोड़ती है तो उसकी कई तरह की गति होती है। मुख्‍यत: दो गति अगति और गति होती है। अगति में फिर से उसे मनुष्य या अन्य प्राणी का शरीर धारण करना होता है जबकि गति में उसे किसी लोक में जाना होता है। पौराणिक क्रमवार देखें तो गति के प्रकार हैं हैं:- 1.नर्कलोक, 2.पितृलोक और 3.देवलोक और 4.ब्रह्मलोक। ब्रह्मलोक में जाना अर्थात मोक्ष को प्राप्त करना होता है। जीव अपने कर्मों के अनुसार उक्त लोकों में जाता है।
उपरोक्त थ्योरी को न भी मानें तो व्यक्ति मरने के बाद प्रेत या पितर बन जाता है जो कि मनुष्य से इसलिए श्रेष्ठ है क्योंकि उसमें मनुष्य की अपेक्षा ज्यादा शक्तियों एकत्रित हो जाती है। उसकी इंद्रिया पहले की अपेक्षा ज्यादा शक्तिशाली हो जाती है। यह अलग बात है कि इसमें से कुछ इसका उपयोग करना जानते हैं और कुछ नहीं। पितृ क्या होते हैं, पितृ कौन होते हैं और पितृ कहां होते हैं इस संबंध में वेद और पुराणों में विस्तार से लिखा हुआ है।



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