क्या 'हिन्दू' नाम विदेशियों ने दिया?

अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'|
विश्व का सबसे प्राचीन धर्म है हिन्दू धर्म। सिर्फ 5 हजार वर्ष पहले तक कोई दूसरा धर्म अस्तित्व में नहीं था तो स्वाभाविक है कि हिन्दुओं में कभी यह खयाल नहीं आया कि कोई नया धर्म जन्म लेगा और फिर वह हमें मिटाने के लिए सबकुछ करेगा। मात्र 2 हजार वर्ष पूर्व ईसाई धर्म की उत्पत्ति के पहले तक भी धार्मिक झगड़े या धर्मांतरण जैसा कोई माहौल नहीं था। धर्म के लिए युद्ध नहीं होते थे।
सवाल 'हिन्दू' शब्द के संदर्भ में कि कुछ विदेशी लेखक यह मानते हैं कि 'हिन्दू' नाम का कोई धर्म नहीं है...धर्मशास्त्र पढ़ा रहीं शिकागो यूनिवर्सिटी की वेंडी डोनिगर की किताब 'हिन्दूज : एन आल्टरनेटिव हिस्ट्रीज़' (हिन्दुओं का वैकल्पिक इतिहास) इसका ताजा उदाहरण है। इस किताब में जो लिखा गया है वह के सामाजिक ताने-बाने को विखंडित करता है। खैर, ऐसे कई अंग्रेज लेखक हैं जिसका अनुसरण हमारे यहां के इतिहासकार करते आए हैं। सचमुच देश और विदेश के ज्यादातर लेखक पढ़ते कम और लिखते अधिक हैं और लिखने के पीछे उनकी मंशा क्या होती है ये तो वही जाने। > हिन्दुओं को ही आर्य, वैदिक और सनातनी कहा गया है, उसी तरह जिस तरह कि अन्य धर्म के लोगों को भी 3-4 नामों से पुकारा जाता है। दुष्प्रचार के कारण कुछ लोग खुद को 'हिन्दू' न कहकर आर्य समाजी कहते हैं, कुछ लोग सनातनी और कुछ खुद को संत मत का मानते हैं।> लेकिन भारतीय लेखक या इतिहासकार दो-चार किताबें पढ़कर अपनी धारणा बना लेते हैं और वे भी षड्‍यंत्रकारियों की साजिश का शिकार होते रहे हैं। लेकिन वे यदि जान-बूझकर ऐसा कर रहे हैं तो फिर सोचना होगा कि वे भारतीय है या नहीं?

* क्या 'हिन्दू' शब्द की उत्पत्ति सिन्धु के कारण नहीं हुई?
* क्या सिन्धु नदी के आसपास रहने वालों को ईरानियों ने 'हिन्दू' कहना शुरू किया, क्योंकि उनकी जुबान से 'स' का उच्चारण नहीं होता था?
* क्या 'हिन्दू' शब्द विदेशियों द्वारा दिया गया शब्द है?
* क्या 'इन्दु' शब्द से 'हिन्दू' शब्द बना?
* क्या प्राचीनकाल से ही 'हिन्दू' शब्द प्रचलित था?

 

आओ जानते हैं इन सभी सवालों के उत्तर...

 




और भी पढ़ें :