'पहली नजर का प्यार', एक बीमारी

Last Updated: बुधवार, 16 नवंबर 2016 (17:11 IST)
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4. इन्हें किसी खास टाइप के लोगों से ही नहीं होता। इन्हें हर किसी से भी प्यार हो सकता है। क्यों हो जाता है, अगर आप पूछेंगे तो इनका उत्तर होगा कि अपने आप 'बस हो जाता है।'
 
5. इन्हें कैजुअल (एकाएक या अचानक होने वाले) रिश्ते पसंद नहीं होते हैं। इनके कैजुअल रिलेशनशिप होते ही नहीं हैं। दरअसल इनकी फीलिंग्स इतनी ज्यादा होती हैं कि रिश्ता कैजुअल रह ही नहीं पता। ऐसे लोग डेटिंग जैसी किसी प्रक्रिया में विश्वास नहीं करते हैं।
 
6. इन्हें कभी किसी दोस्त से प्यार नहीं होता। इनकी दोस्ती प्यार में नहीं बदलती है या फिर दोस्ती से प्यार तक का सफर नहीं होता है।
 
7. ऐसे लोग सोचते बहुत ज्यादा हैं और भले यह सोच से ही संबंधित क्यों न हो।
 
8. ये लोग भविष्य को लेकर बहुत सोचते हैं। इनके दिमाग में चलता रहता है कि जो अभी कर रहे हैं, उसका आगे क्या परिणाम होगा। ये अपने क्रश के साथ भी अपना भविष्य सोचने लगते हैं।
 
9. ये इंसान के बारे में जो धारणा बना लेते हैं, उसी धारणा के अनुसार उसे प्यार करने लगते हैं। कई बार इंसान ऐसा नहीं निकलता जैसा ये सोचते हैं। इस तरह ये सच्चाई को नजरंदाज कर देते हैं और इस तरह खुद की विचार शक्ति को नजरअंदाज करना ठीक नहीं होता है।
 
10. जब सब कुछ ठीक नहीं रहता, तो इन्हें बहुत निराशा होती है, क्योंकि ये पहले ही बहुत से सपने सजा चुके होते हैं।
 
11. बुरे अनुभव भी प्यार से इनका भरोसा नहीं उठाते। ये बस मान लेते हैं कि वह इंसान ही गलत था। इन्हें पता होता है कि ये किसी को आगे भी बहुत प्यार दे सकते हैं। >  



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