जानिए वे 6 गुण जो आदर्श पति-पत्नी के रिश्ते में होते हैं...


जब दो लोग साथ जुड़ते हैं, तब दो अलग-अलग जीवन धीरे-धीरे एक होने लगते हैं। दो लोगों को अब केवल स्वयं के बारे में न सोचते हुए एक-दूसरे के लिए जीना होता है। कोई भी काम अपने पार्टनर की खुशी को भी ध्यान रखकर करना होता है।
आइए, जानें एक आदर्श पति-पत्नी के रिश्ते में क्या खूबियां होती हैं :

1. एक-दूसरे के प्रति सम्मान :
आपका साथी आपसे किसी भी मामले में चाहे वह शिक्षा हो, उसकी आर्थिक स्थिति हो या कोई काम उसे नहीं आता हो अथवा किसी गुण में ही वो आपसे कम क्यों न हो, फिर भी आप उसकी दूसरी अच्छी बातों के लिए उसका सम्मान करते हो। आपके लिए अपने साथी के सम्मान के लिए केवल इतना ही काफी हो कि उनका ओहदा आपके जीवन में बहुत पवित्र और बड़ा है, आपके जीवनसाथी होने का ओहदा।


2. एक-दूसरे के प्रति सच्चा प्रेम भाव हो :

अपने साथी के रंग-रूप व बाहरी आवरण पर अधिक ध्यान न देते
हुए जब आप उनकी आंतरिक सुंदरता की कद्र करें। निःस्वार्थ रूप से उनसे प्रेम बनाए रखने की कोशिश करते हो तब आपका रिश्ता एक आदर्श है।



3. अपने स्वार्थ से पहले अपने साथी की इच्छाओं को महत्व देना :

एक आदर्श रिश्ता वह है जब आप अपनी कोई भी जरूरत अपने साथी की सहमति से ही पूरी करते हों। जब आप अपने स्वार्थ से पहले अपने साथी की इच्छाओं को महत्व देते हो। आपके रिश्ते में सब्र का होना एक आदर्श रिश्ते की पहचान है।

4. एक-दूसरे पर इल्ज़ाम न लगाना :

चाहे कठिन से कठिन परिस्थिति हो आप किसी भी छोटी या बड़ी गलती होने पर अपने साथी पर पूरा दोष नहीं मढ़ते हो और खुद भी उस स्थिति के लिए अपनी जिम्मेदारी लेते हो। जब आप खुद भी ये सोचते हो कि कहां आपसे कोई कमी कर गई अथवा गलती हुई है और उसे सुधारने की पहल करते हो तब आपका रिश्ता आदर्श है।



5. एक-दूसरे की अलग सोच का भी आदर करना व उसे अपनाने की कोशिश करना :

एक आदर्श पति-पत्नी के रिश्ते में साथी एक-दूसरे की सोच का अनादर नहीं करते, ना ही पति अपने पति होने के कारण अपनी पत्नी पर अपनी इच्छाएं थोपते हैं। वे अपनी पत्नी को अपने बराबरी पर रखते हैं और अपनी पत्नी को उनकी सोच के आधार पर व्यवहार करने की छूट देते हुए उनका साथ देते हैं।

6. सहयोग के भाव :

एक आदर्श पति-पत्नी किसी भी काम का बोझ सिर्फ अपने साथी पर नहीं डालते। वे एक-दूसरे के हर काम में सहयोग करते हुए जीवन-यापन करते हैं।




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