यहां दफन है लाखों टन सोना, पढ़ें इस गुफा का रहस्य

लाख कोशिशों के बाद भी अंग्रेज चट्टानों से ढंके इस गुफा को नहीं खोल पाए थे। यहां तक की उन्होंने गुफा पर तोप के गोले भी दागे, लेकिन वे इसमें भी नाकामयाब रहे थे। आज भी इस गुफा पर उस गोले के निशान देखे जा सकते हैं। आखिरकार अंग्रेजों को वहां से खाली हाथ ही वापस लौटना पड़ा था।
अंदर है 10 मीटर लंबा चट्टान का कमरा :
गुफा में अंदर प्रवेश करते ही 10.4 मीटर लंबा चौड़ा और 5.2 मीटर चौड़ा कमरा है। इस कमरे की ऊंचाई लगभग 1.5 मीटर है। यह कमरा खजाने की रक्षा करने वाले सैनिकों के लिए बनाया गया था। इसी कमरे के दूसरी ओर खाजाने का कमरा है।
शंख लिपि में लिखा है कमरे को खोलने का राज : मौर्य शासक के समय बनी इस गुफा की एक चट्टान पर शंख लिपि में कुछ लिखा है। इसके संबंध में यह मान्यता प्रचलित है कि इसी शंख लिपि में इस खजाने के कमरे को खोलने का राज लिखा है। (news18.com से)



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