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Masik Shivratri 2021 : मासिक शिवरात्रि का महत्व एवं जानिए पूजन के शुभ मुहूर्त
शिव आराधकों के लिए महाशिवरात्रि का बड़ा महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि की मध्य रात्रि को ही भगवान शिवलिंग रूप में प्रकट हुए थे। माना जाता है कि इसी समय ब्रह्मा और विष्णु के द्वारा पहली बार शिवलिंग का पूजन किया गया था। परंतु एक वर्ष में एक महाशिवरात्रि और 11 शिवरात्रियां पड़ती हैं, जिन्हें मासिक शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है।
मासिक शिवरात्रि हर माह में एक बार आती है। इस तरह से 12 शिवरात्रि होती हैं। हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर शिवरात्रि मनाई जाती है, जिसे मासिक शिवरात्रि कहा जाता है। मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से भगवान शंकर प्रसन्न होते हैं और शास्त्रों के अनुसार देवी लक्ष्मी, सरस्वती, इंद्राणी, गायत्री, सावित्री, पार्वती और रति ने शिवरात्रि का व्रत किया था और शिव कृपा से अनंत फल प्राप्त किए थे।
आइए जानें मासिक शिवरात्रि पर पूजन के मुहूर्त-
मासिक शिवरात्रि, माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ मंगलवार, 09 फरवरी की देर रात्रि 02.05 मिनट पर हो रहा है तथा बुधवार, 10 फरवरी को देर रात्रि 01.08 मिनट पर इस तिथि का समापन होगा। अत: मासिक शिवरात्रि व्रत बुधवार, 10 फरवरी को मनाया जाएगा। शिवरात्रि के दिन देर रात्रि 12.09 मिनट से 01.01 मिनट के मध्य पूजन का सबसे शुभ मुहूर्त है। अत: जो भक्त शिवरात्रि का यह व्रत रखेंगे, उनको भगवान भोलेनाथ तथा देवी पार्वती की पूजा के लिए 52 मिनट का अतिशुभ समय प्राप्त हो रहा है।
इस व्रत के संबंध में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिव-पार्वती जी की कृपा प्राप्त करने के लिए मासिक शिवरात्रि व्रत अवश्य ही करना चाहिए।
