बुजुर्ग सिख के प्रति घृणा अपराध में अमेरिकी को कैद
वॉशिंगटन। अमेरिका के कैलिफोर्निया में 82 वर्षीय एक सिख को स्टील की छड़ से बुरी तरह पीटने के घृणा अपराध के मामले में एक व्यक्ति को 13 साल कैद की सजा सुनाई गई है। यह घटना 2 साल पहले एक गुरुद्वारे के बाहर हुई थी।
घटना से पहले पियारा सिंह ने लंगर के लिए भोजन तैयार किया था। गिलबर्ट गार्सिया नाम के व्यक्ति ने उसे साउथ-वेस्ट फ्रेसनो गुरद्वारे के बाहर देखा। उसने तालिबान और मुसलमानों के बारे में कुछ कहते हुए सिंह पर हमला कर दिया।
स्थानीय अभियोजकों ने 5 मई 2013 को हुई इस घटना को घृणा अपराध माना। सिंह के सिर पर चोटें आई थीं। उनकी पसलियां टूट गई थीं और फेफड़े को भी नुकसान पहुंचा था। उन्हें एक सप्ताह से अधिक समय तक अस्पताल में रहना पड़ा।
फ्रेसना काउंटी के सुपीरियर कोर्ट के न्यायाधीश एल्विन हैरेल ने कहा कि यह बात समझने लायक है कि इस तरह की बर्बरता को अंजाम देना कोई सामान्य घटना नहीं है।
अभियोजक टिम डोनोवन ने कहा कि मुख्य बात यह है कि बुधवार को न्याय मिला और हमारे समुदाय में यदि आप घृणा अपराध करेंगे तो आपको जेल जाना पड़ेगा। स्थानीय सिख समुदाय के कार्यकर्ता आई. ग्रेवाल ने स्थानीय मीडिया से कहा कि यह न सिर्फ पीड़ित और उसके परिवार के प्रति न्याय है बल्कि समूचे सिख समुदाय के प्रति न्याय है, क्योंकि यह घटना एक घृणा अपराध थी।
ग्रेवाल के अनुसार गार्सिया ने मुसलमानों के प्रति नस्ली टिप्पणियां कीं और सिंह से कहा कि मैं तुम्हारी मस्जिद तोड़ने जा रहा हूं। उन्होंने कहा कि सिखों को भूलवश लगातार आतंकवादी समझ लिया जाता है, क्योंकि मीडिया पगड़ी पहने आतंकवादियों की तस्वीरें दिखाता रहा है। (भाषा)