मुझे होने लगा है शब्दों से प्यार तुम करो या न करो मेरा ऐतबार। शब्दों की कलियां खिलने लगी हैं देख इसे दिल होने लगा है गुलजार। सुबह की लालिमा शाम की है बहार कोयल की कूक लगे गाए मेघ मल्हार। मेरे जीवन...