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Written By WD Feature Desk
Last Updated : बुधवार, 25 फ़रवरी 2026 (16:35 IST)

Chaitra Navratri 2026: पालकी पर सवार होकर आ रही हैं माता दुर्गा, जानिए तिथि और धार्मिक महत्व

पालकी में सवार माता दुर्गा
Chaitra Navratri 2026: वर्ष 2026 में चैत्र माह की नवरात्रि का प्रारंभ 19 मार्च 2026 गुरुवार से हो रहा है। इस दिन घट स्थापना मुहूर्त सुबह 06:52 से 07:43 तक और दूसरा मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:53 के बीच रहेगा। 27 मार्च शुक्रवार नवमी के दिन नवरात्रि का समापन होगा। इस बार माता दुर्गा पालकी पर सवार होकर आ रही है। जानिए नवरात्रि की तिथियां और महत्व। इस दौरान वसंत ऋतु होने के कारण इसे वासंती नवरात्र भी कहा जाता है।
 
प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ- 19 मार्च 2026 को सुबह 06:52 बजे से।
प्रतिपदा तिथि समाप्त- 20 मार्च 2026 को सुबह 04:52 बजे तक।
चैत्र अष्टमी: 26 मार्च 2026 गुरुवार के दिन अष्‍टमी।
चैत्र नवमी: 27 मार्च 2026 शुक्रवार के दिन नवमी।
 
शशिसूर्ये गजारूढ़ा, शनिभौमे तुरंगमे।
गुरुशुक्रे च दोलायां बुधे नौका प्रकीर्तिता।।
फलम् - गजे च जलदा देवी , छत्रभङ्ग तुरंगमे।
नौकायां सर्व सिद्धिस्यात् दोलायां मरणं धुव्रम्।।
 
सवारी तय करने का ज्योतिषीय आधार
रविवार या सोमवार को हाथी (गज) पर सवारी
शनिवार या मंगलवार को- घोड़ा (तुरंगम) पर सवारी
गुरुवार या शुक्रवार को- पालकी (डोली) पर सवारी
बुधवार को- नौका (जहाज) पर सवारी
 

पालकी सवारी का फल:

चैत्र नवरात्रि में माता की सवारी बहुत महत्व रखती है क्योंकि इससे आने समय का शुभ-अशुभ संकेत मिलते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माँ दुर्गा इन नौ दिनों के लिए जब पृथ्वी पर आती हैं, तो एक विशेष वाहन पर सवार होकर आती हैं। प्रत्येक वाहन का अलग फल संकेत माना गया है। देवी पुराण के अनुसार, पालकी (डोली) पर माता का आगमन शुभ नहीं माना जाता है। ये संकेत है कि देश में आर्थिक मंदी आ सकती है। प्रकृति अपने रौद्र रूप में जान-माल का नुकसान कर सकती हैं। मां दुर्गा का इस तरह आना देश-दुनिया में महामारी के बढ़ने के संकेत भी देता है। यह अस्थिरता और चुनौतियों का संकेत है।