सम्बंधित जानकारी
- Caste Census पर RSS के बयान पर कांग्रेस का रिएक्शन, बताया BJP और संघ क्यों कर रहे हैं विरोध
- स्वाति मालीवाल मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बिभव कुमार को इन शर्तों पर दी जमानत
- Caste Census पर RSS का बड़ा बयान, कहा- जाति जनगणना जरूरी, लेकिन...
- Shambhu Border: सुप्रीम कोर्ट ने किसानों की शिकायतों के सौहार्दपूर्ण निवारण के लिए गठित की समिति
- बुलडोजर पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, दोषी हो तब भी प्रॉपर्टी नहीं गिराई जा सकती
जाति जनगणना पर आया SC का फैसला, याचिका पर सुनवाई से इनकार, कहा- यह नीतिगत मामला
Supreme Court's decision on caste census petition : उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को पिछड़े और हाशिए पर पड़े अन्य वर्गों के कल्याण के लिए सामाजिक-आर्थिक जातिगत जनगणना कराने के वास्ते केंद्र को निर्देश देने के अनुरोध वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने कहा कि यह मुद्दा शासन के अधिकार क्षेत्र में आता है। यह नीतिगत मामला है।
न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय और न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी की पीठ ने याचिकाकर्ता पी. प्रसाद नायडू को अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी, जिसमें उन्होंने जनगणना के लिए आंकड़ों की गणना में तेजी लाने का निर्देश देने का अनुरोध किया था।
पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रविशंकर जंडियाला और अधिवक्ता श्रवण कुमार करणम से कहा, इस बारे में क्या किया जा सकता है? यह मुद्दा शासन के अधिकार क्षेत्र में आता है। यह नीतिगत मामला है। जंडियाला ने कहा, 1992 के इंद्रा साहनी फैसले (मंडल आयोग के फैसले) में कहा गया है कि यह जनगणना समय-समय पर की जानी चाहिए।
पीठ ने उनसे कहा कि वह याचिका खारिज कर रही है, क्योंकि अदालत इस मुद्दे में हस्तक्षेप नहीं कर सकती। न्यायालय के रुख को भांपते हुए अधिवक्ता ने याचिका को वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे पीठ ने मंजूरी दे दी। (भाषा)
Edited By : Chetan Gour
Edited By : Chetan Gour
