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Last Modified: शिमला , मंगलवार, 26 अगस्त 2025 (23:12 IST)

हिमाचल प्रदेश में अचानक आई बाढ़ ने मचाई तबाही, कई जगह भूस्खलन

Flood in Himachal Pradesh
Flood in Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में कई स्थानों पर भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ आने से दुकानें बह गईं, इमारतें ढह गईं, राजमार्गों से संपर्क टूट गया और आवासीय इलाके जलमग्न हो गए। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार रात से हुई किसी भी घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, मंगलवार सुबह तक राज्य में कुल 690 सड़कें बंद थीं। उसके अनुसार बंद सड़कों में से 320 मंडी जिले में और 132 कुल्लू में स्थित हैं।
 
भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट : स्थानीय मौसम विभाग ने मंगलवार को कांगड़ा, चंबा और मंडी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए 'रेड' अलर्ट जारी किया है। विभाग ने शुक्रवार को मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में तथा शनिवार को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का 'ऑरेंज' अलर्ट भी जारी किया है।
 
मंगलवार तड़के कुल्लू जिले के मनाली में ब्यास नदी की तेज धाराएं एक बहुमंजिला होटल और चार दुकानों को बहा ले गईं। नदी में उफान के कारण पानी मनाली के अलू मैदान में घुस गया, जबकि चंडीगढ़ और मनाली को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया। उफनती ब्यास नदी के पानी में मनाली-लेह राजमार्ग का लगभग 200 मीटर हिस्सा बह गया, जिससे मार्ग बंद हो गया और पर्यटक फंस गए।
 
राष्ट्रीय राजमार्ग के हिस्से बहे : कुल्लू शहर को जोड़ने वाली मनाली की दाहिने ओर की सड़क पर भी स्थिति गंभीर है। राष्ट्रीय राजमार्ग के दो बड़े हिस्से बह गए, जबकि मनाली से बुरुआ जाने वाली सड़क भी ओल्ड मनाली के पास बह गई। उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) मनाली रमन शर्मा ने कहा कि दाएं किनारे से मनाली का संपर्क टूट गया है। सोमवार से अब तक चार दुकानें, दो रेस्टोरेंट और एक घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। लार्गी बांध से 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद मंगलवार को ब्यास नदी का जलस्तर और बढ़ गया। अधिकारियों ने लोगों को नदी के किनारों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
 
कुल्लू में, घनवी खुद नदी का पानी घरों में घुस गया। मंडी जिले के बालीचौकी इलाके में सोमवार देर रात 40 दुकानों वाली दो इमारतें ढह गईं। हालांकि, इसमें कोई हताहत नहीं हुआ क्योंकि इमारत को पहले ही खाली करा लिया गया था। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार शाम से नैना देवी में 160.8 मिलीमीटर बारिश हुई, इसके बाद भट्टियात में 125.2 मिलीमीटर, मनाली और धर्मशाला में 102-102 मिलीमीटर, घमरूर में 91.4 मिलीमीटर, कांगड़ा में 89 मिलीमीटर, पालमपुर में 88 मिलीमीटर, कोठी में 85.8 मिलीमीटर, भुंतर में 77.2 मिलीमीटर, गुलेर में 71.8 मिलीमीटर और करसोग में 65.2 मिलीमीटर बारिश हुई।
 
तीन माह में 156 लोगों की मौत : एसईओसी के अनुसार, 20 जून से 25 अगस्त के बीच हिमाचल प्रदेश में बारिश से संबंधित घटनाओं में कम से कम 156 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 38 लापता हैं। एसईओसी के आंकड़े से पता चला है कि राज्य में अब तक अचानक बाढ़ की 78 घटनाएं, बादल फटने की 41 घटनाएं और 82 बड़े भूस्खलन हुए हैं। इसके अनुसार बारिश से संबंधित घटनाओं में 2,394 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। (भाषा/वेबदुनिया)
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 
 
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