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Last Updated : गुरुवार, 9 सितम्बर 2021 (00:38 IST)

NCP का आरोप, वाजे मामले में परमबीर सिंह को बचा रही है NIA

NCP का आरोप, वाजे मामले में परमबीर सिंह को बचा रही है NIA - NCP alleges, NIA is protecting Parambir Singh in Sachin Waje case
मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने बुधवार को आरोप लगाया कि एनआईए मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह को 'एंटीलिया बम' मामले में बचा रही है।

उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर 'एंटीलिया' के पास मिली विस्फोटक सामग्री वाली एसयूवी के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी के आरोप पत्र के अनुसार, एक साइबर विशेषज्ञ ने उसे बताया कि सिंह ने उसे प्रारंभिक जांच के दौरान एक रिपोर्ट को 'संशोधित' करने के लिए कहा था।

राकांपा प्रवक्ता व महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने यहां दावा किया, एनआईए के आरोप पत्र के अनुसार, सिंह ने फर्जी सबूत बनाने के लिए (विशेषज्ञ को) पांच लाख रुपए का भुगतान किया। उन्होंने कहा, सिंह ही निष्कासित सचिन वाजे को पुलिस बल में वापस लेकर आए थे और उन्हें महत्वपूर्ण मामले दिए थे। फिर भी सिंह का नाम चार्जशीट में नहीं है। एनआईए ने मामले में वाजे और नौ अन्य को गिरफ्तार किया है।

मलिक ने कहा, हमें हमेशा संदेह था कि सिंह एंटीलिया मामले के मास्टरमाइंड थे और सिंह ने भाजपा के निर्देश पर राज्य के तत्कालीन गृहमंत्री अनिल देशमुख पर उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने 'केंद्र सरकार के दबाव में' अपने आरोप पत्र में कई असहज करने वाले तथ्य छुपाए हैं।

वाजे प्रति महीने मुझे 50 हजार रुपए देते थे : एक महिला सुरक्षाकर्मी ने एनआईए को बताया है कि पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे उसके ग्राहक थे और पिछले वर्ष अगस्त से उसे प्रति महीने 50 हजार रुपए का भुगतान करना शुरू किया था। वाजे एंटीलिया बमकांड और मनसुख हिरन हत्या मामले में आरोपी है।

महिला ने राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से कहा कि एक कंपनी के खाते में सवा करोड़ रुपए डाले जाने के बारे में उसे जानकारी नहीं है। वाजे ने महिला को उस कंपनी का निदेशक बनाया था। उसका बयान एनआईए द्वारा पिछले हफ्ते मामले में दायर आरोप पत्र का हिस्सा है।

मामला उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पास इस वर्ष फरवरी में विस्फोटकों से लदा वाहन रखने और इसके बाद मनसुख हिरन की हत्या से जुड़ा हुआ है। हिरन ने कहा था कि उसका वाहन चुरा लिया गया था और मार्च के पहले हफ्ते में उसका शव ठाणे में एक नदी किनारे मिला। महिला ने बयान में कहा कि वाजे से पहली बार वह 2011 में मिली थी।

बयान में बताया गया कि वाजे जून 2020 में फिर से पुलिसबल में बहाल हो गया और उसने सुरक्षाकर्मी का काम छोड़ने के लिए कहा था क्योंकि उसने उसके लिए अच्छी आय की व्यवस्था करने का वादा किया। बयान में कहा गया, इसी मुताबिक मैंने काम करना छोड़ दिया और सचिन ने मुझे मासिक खर्च के लिए अगस्त 2020 से प्रति महीने 50 हजार रुपए देना शुरू किया। महिला ने कहा कि वाजे ने उसे नियमित आय के लिए दो मालिकाना हक वाला फर्म खोलने की सलाह दी।(भाषा)