आज से जनता पर महंगाई का बोझ, GST की दरों में बदलाव, ये सामान हुआ महंगा

Last Updated: सोमवार, 18 जुलाई 2022 (17:59 IST)
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पहले से महंगाई की मार झेल रही आम जनता पर आज से फिर बोझ बढ़ जाएगा। दरअसल, जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद सरकार ने कई प्रोडक्ट्स और सर्विसेज पर टैक्स के दाम में बदलाव कर दिया है, इस वजह से आज से कई तरह के सामान पर ज्यादा जीएसटी देना होगा।

जीएसटी काउंसिल (GST Council) ने आम आदमी के इस्तेमाल वाली कई चीजों पर टैक्स रेट बढ़ाने का फैसला किया तो कई सामानों मिल रहे जीएसटी छूट को खत्म करने का फैसला किया है। ऐसे में पहले से महंगाई की मार झेल रही जनता पर और ज्यादा बोझ बढ़ जाएगा।

पैकेट बंद और लेवल वाले प्रोडक्ट्स पर 18 फीसदी की दर से जीएसटी लगाया जाएगा। वहीं, पहले इस पर सिर्फ 5 फीसदी की दर से टैक्स लगता था। इसके अलावा नारियल पानी पर 12 फीसदी और फुटवेयर के कच्चे माल पर भी 12 फीसदी GST की नई दरें लागू होगी।

मछली, दही, पनीर, लस्सी, शहद, सूखा मखाना, सूखा सोयाबीन, मटर जैसे उत्पाद, गेहूं और अन्य अनाज तथा मुरमुरे पर अब पांच प्रतिशत जीएसटी लगेगा। आपको बता दें अब तक इन वस्तुओं को जीएसटी से छूट मिली हुई थी। वहीं, एटलस सहित मानचित्र और चार्ट पर 12 फीसदी शुल्क लगेगा। इसके आलावा अनपैक्ड, अनलेबल और अनब्रांडेड सामान जीएसटी से मुक्त रहेगा।

इसके अलावा एक हजार रुपए प्रतिदिन से कम कीमत वाले होटल के कमरों पर 12 फीसदी टैक्स लगेगा। फिलहाल यह छूट की श्रेणी में आता है। इसके अलावा 5,000 रुपए प्रतिदिन (आईसीयू को छोड़कर) से ऊपर के अस्पताल के कमरे के किराए पर 5 फीसदी जीएसटी लगाया जाएगा। सोलर वॉटर हीटर पर अब पहले के 5 फीसदी की तुलना में 12 फीसदी जीएसटी लगेगा।

इसके अलावा प्रिंटिंग/ड्राइंग इंक’, धारदार चाकू, कागज काटने वाला चाकू और ‘पेंसिल शार्पनर’, एलईडी लैंप, ड्राइंग और मार्किंग करने वाले उत्पादों पर 18 फीसदी की दर से टैक्स लगेगा. सौर वॉटर हीटर पर अब 12 फीसदी जीएसटी लगेगा जबकि पहले पांच फीसदी टैक्स लगता था।

सड़क, पुल, रेलवे, मेट्रो, अपशिष्ट शोधन संयंत्र और शवदाहगृह के लिए जारी होने वाले कार्य अनुबंधों पर अब 18 फीसदी जीएसटी लगेगा जो अब तक 12 फीसदी था। हालांकि, रोपवे के जरिये वस्तुओं और यात्रियों के परिवहन तथा कुछ सर्जरी से जुड़े उपकरणों पर कर की दर घटाकर पांच फीसदी की गई है। वहीं, पहले इन पर 12 फीसदी टैक्स लगता था। ट्रक, वस्तुओं की ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले वाहनों जिसमें ईंधन की लागत शामिल है, पर अब 12 फीसदी जीएसटी लगेगा जो अभी 18 फीसदी है।



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