कल तक नहीं मिली गैस तो आधे इंदौर के रेस्टोरेंट हो जाएंगे शटडाउन, क्या करेंगे लाखों स्टूडेंट और नौकरीपेशा लोग?
इंदौर में LPG Gas Cylinder के क्राइसिस ने व्यापारियों को दहशत में डाल दिया है। दुकानदार और व्यापारी नाश्ता, भोजन और तमाम तरह की खाद्य सागग्री बनाने के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडर (LPG) का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में प्रशासन ने बगैर किसी सूचना के कमर्शियल गैस सिलेंडर के सप्लाय पर रोक लगा दी है। जिसका असर अब इंदौर समेत पूरे मध्यप्रदेश पर नजर आ रहा है। बता दें कि अमेरिका-ईरान और इजरायल के बीच हो रहे युद्ध के चलते दुनियाभर में गैस, पेट्रोल और डीजल को लेकर हड़कंप है।
वेबदुनिया ने इंदौर में कई दुकानदारों, रेस्टोरेंट संचालक और और कमर्शियल LPG Gas Cylinder का इस्तेमाल करने वालों से चर्चा कर हकीकत जानी। रेस्टोरेंट और दुकान संचालकों ने जो सच्चाई बताई वो झकझोर देने वाली है। गैस किल्लत से मायूस दुकानदारों के पास सिर्फ एक या दो दिन की गैस बची है। इसके बाद उन्हें सीधे अपनी दुकानें शटडाउन करना पड़ेगी। चर्चा में जो निकलकर सामने आया वो डराने वाला है। कल या परसों तक गैस सप्लाई नहीं हुई तो आधे रेस्टोरेंट्स में लटकेगा ताला! वेबदुनिया की रिपोर्ट।
क्या बोले कलेक्टर शिवम वर्मा : ये गैस की सप्लाय को लेकर जो भी डोमेस्टिक सिलेंडर को लेकर भ्रांतियां है वो गलत है। सोशल मीडिया में कोई अफवाह न फैलाए। सभी गैस वितरकों से बात हुई है। सभी के पास पर्याप्त स्टॉक है। अवंतिका गैस की लाइन से भी गैस सप्लाय किया जा रहा है। किसी तरह की काला बाजारी न हो इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। जो करेगा उन पर कार्रवाई होगी। पर्याप्त गैस है और सप्लाय की जा रही है।
क्या कहा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने : जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी मोहन लाल मारू ने बताया कि हमने होटल और केटरिन संचालकों के साथ बैठक लेकर चर्चा की है। उनसे कहा गया है कि हालात ठीक होने तक वैकल्पिक उपायों पर जाए। हालात सामान्य होते ही फिर से गैस सप्लाय शुरू की जाएगी।
कहां जाएंगे स्टूडेंट और नौकरीपेशा : बता दें कि इंदौर फूड हब है। यहां का आधा व्यापार सिर्फ खाने पीने की सामग्री पर टिका है। भवरकुआं और विजयनगर में हजारों की संख्या में बाहर के स्टूडेंट रहते हैं, वहीं नौकरीपेशा लोगों का भी बड़ा आंकड़ा है, यह सभी लोग खाने के लिए होटल, रेस्टोरेंट और टिफिन सेंटर पर निर्भर हैं। ऐसे में ये लोग कहां जाएंगे और क्या करेंगे इसका जवाब किसी के पास नहीं है। ये है होटल-रेस्टोरेंट में LPG Gas Cylinder की हकीकत कल तक सप्लाय नहीं तो संकट : कलेक्टर कार्यालय के सामने जेएमबी रेस्टोरेंट के संचालक अनिल जैन ने बताया कि कमर्शियल गैस सप्लाय बंद होने से भयंकर दिक्कत आने वाली है। कल तक तो काम हो जाएगा, लेकिन इसके बाद संकट आएगा। होटल और केटरिंग वालों को दिक्कत आ रही है। जिन लोगों ने ऑर्डर ले रखे है वो कैंसल कर रहे हैं। हमारे डिलिवरी वाले का कहना है कि उसके पास माल ही नहीं आ रहा है। आज प्रशासन के साथ बैठक है, उसके बाद कुछ साफ हो सकेगा। मेरे पास सिर्फ आज तक की गैस बची है, उसके बाद क्या होगा नहीं पता। जेल रोड पर रतलाम नमकीन के संचालक रजत डागा ने बताया कि प्रशासन ने बिना सूचना के LPG Gas Cylinder की सप्लाय बंद कर दी। हमारे डिलिवरी वाले को भी नहीं पता है। उसने बताया कि शासन का आदेश है, पता नहीं कब मिलेगी गैस। हमारे पास दो दिन का स्टॉक था वो भी खत्म हो गया है। जब आएगा तो बताएंगे, अभी तो सिलेंडर नहीं है। हमें रोज एक सिलेंडर लगता है। अगर नहीं मिलता है तो कल दुकान खुलेगी कि नहीं यह भी नहीं पता। वैकल्पिक तौर पर डीजल भट्टी पर जा सकते हैं, लेकिन उससे सिर्फ कुछ ही घंटे काम हो सकता है, डीजल की भी किल्लत आने वाली है। दूसरी कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। तो कल दुकान बंद करना होगी : स्कीम नंबर 54 में दुकान संचालक शैलेष जायसवाल ने बताया कि कल किसी भी हालत में दुकान बंद हो जाएगी। दो दिनों से सिलेंडर नहीं आ रहा है। एक सिलेंडर दो से तीन दिन चलता है। ऐसे में दिक्कत बढ रही है। वो कह रहे हैं कि बंद ही हो गई है गैस सप्लाय। हम लेने जाते हैं तो न छोटी टंकी है और न ही बड़ी। कल स्टॉक खत्म हो जाएगा : खिचड़ी वाला दुकान के संचालक गोविंद प्रजापत ने बताया कि बहुत ज्यादा समस्या है। दुकान बंद हो जाएगी। काम कैसे करेंगे। आज शाम को स्टॉक खत्म हो जाएगा। हर दो दिनों में एक टंकी लगती है। 21 किलो की टंकी होती है। लेकिन अब वो भी खत्म हो गई है। कल तक ही गैस चलेगी। इसके बाद कोई ऑप्शन नहीं है, कैसे काम करेंगे। शनिवार और रविवार को तो अच्छा धंधा रहता है। ऐसे में हमारा बहुत नुकसान होगा।
ईरान-अमेरिका में युद्ध का असर अब भारत पर पड़ रहा है।
गैस की समस्या विकराल होती जा रही है।
इंदौर में हमने कुछ रेस्तरां वालों से बात की तो उन्होंने कहा कि गैस की टंकी नहीं मिल रही है।
दुकान बंद होने की नौबत आ गई है।
प्रशासन से कुछ ठोस जवाब नहीं मिल रहा है।
इसका असर विद्यार्थियों और उन लोगों पर पड़ेगा जो खाने के लिए होटल और रेस्तरां पर निर्भर हैं।
घर की टंकी लगाकर चला रहे काम : भमोरी में दाल- बाटी की दुकान संचालित करने वाले राजा ठाकुर ने भी यही कहानी बताई। उन्होंने बताया कि अभी घर की टंकी लगाकर दुकान चला रहे हैं। बड़ा सिलेंडर सुबह खत्म हो गया है। वो भी एक ही टंकी है, कब तक चलेगी कुछ नहीं कह सकते।
इंदौर में रेस्त्रां और गैस खपत
इंदौर में रोज साढ़े 3 से 4 हजार कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति होती है
शनिवार- रविवार को खपत 6 हजार तक हो जाती है
इंदौर में 2500 से ज्यादा होटल व रेस्त्रां हैं।
सिलेंडरों की आपूर्ति न होने के कारण अब होटल-रेस्त्रां कुछ दिनों के लिए बंद हो सकते हैं।