शुक्रवार, 19 अप्रैल 2024
  • Webdunia Deals
  1. धर्म-संसार
  2. व्रत-त्योहार
  3. मकर संक्रां‍ति
  4. Kite Quotes Shayari
Written By

मकर संक्रांति कोट्स : पतंग पर रोमांटिक शायरी लिखने का प्रचलन कब से है? पढ़ें 20 शायरी

मकर संक्रांति कोट्स : पतंग पर रोमांटिक शायरी लिखने का प्रचलन कब से है? पढ़ें 20 शायरी - Kite Quotes Shayari
Romantic Shayari On Kites
 
भारतीय लोगों में पतंग पर शेरों-शायरी लिखने का प्रचलन काफी पुराना है। यहां हम आपके लिए लेकर आए हैं मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2023) के खास अवसर पर पतंग पर लिखने के लिए 20 चुनिंदा शायरियां। तो देर किस बात की, अपनी पतंग को आसमान पर ले जाने से पहले लिखें रोमांटिक शायरी-
 
मकर संक्रांति रोमाटिक शायरी- Romantic Shayari in Hindi
 
1. डोरी, पतंग, चरखी सब लिए बैठा हूं,
इंतजार है उस हवा का, जो तेरी छत की ओर चले।
 
2. हर पतंग जानती है आखिर नीचे आना है,
लेकिन उससे पहले आसमान छूकर दिखाना है।
 
3. जो जितना जमीन से जुड़ेगा
उतना ही ऊपर उड़ेगा।
 
4. छज्जे से अटकी थी वो पतंग, हल्ला मोहल्ले में था,
एक मांझे की डोर टूटी थी और ये किस्सा बचपन में था।
 
5. मेरी पतंग भी तुम हो, उसकी ढील भी तुम।
मेरी पतंग जहां कटकर गिरे, वह मंज़िल भी तुम।
 
6. मन के हर ज़ज़्बात को, तस्वीर रंगों से बोलती है,
अरमानों के आकाश पर, पतंग बेखौफ़ डोलती है।
 
7. आसमां में उड़ती एक पतंग दिखाई दी,
आज फिर मुझको तेरी मोहब्बत दिखाई दी...
 
8. कटी पतंग का रुख तो था मेरे घर की तरफ,
मगर उसे भी लूट लिया ऊंचे मकान वालों ने।
 
9. हमने तेरी मोहब्बत आज इस जहां को दिखला दी,
नाम लिखकर पतंग पे तेरा आसमां में उड़ा दी।
 
10. सारी दुनिया को भुला के रूह को मेरे संग कर दो,
मेरे धागे से बंध जाओ, खुद को पतंग कर दो।
 
11. डोर, चरखी, पतंग सब कुछ था,
बस उसके घर की तरफ हवा न चली।
 
12. पतंग कट भी जाए मेरी तो कोई परवाह नहीं,
आरज़ू बस ये है कि उसकी छत पर जा गिरे।
 
13. मुझे मालूम है उड़ती पतंगों की रवायत,
गले मिलकर गला काटूं मैं वो मांझा नहीं।
 
14. ख़त्म होती हुई एक शाम अधूरी थी बहुत,
संक्रांति से मुलाक़ात ज़रूरी थी बहुत।
 
15. जब तक है डोर हाथ में, तब तक का खेल है,
देखी तो होंगी तुमने पतंगें कटी हुईं।
 
16. मीठे गुड में मिल गए तिल
उड़ी पतंग और खिल गए दिल।
 
17. मोहब्बत की हवाओं में इश्क की पतंग हम भी उड़ाया करते थे,
वक्त गुजरता रहा और धागे उलझते रहे।
 
18. एक ही समानता है पतंग और ज़िंदगी में,
ऊंचाई में हो, तब तक ही वाह-वाह होती है।
 
19. अपनी कमजोरियों का जिक्र कभी न करना जमाने में
लोग कटी पतंग को जमकर लूटा करते हैं...।  
 
20. प्रेम की पतंग उड़ाना नफरत के पेंच काटना,
मांझे जितना लंबा रिश्ता बढ़ाना,दिल से इसे निभाना।
 
21. मोहब्बत एक कटी पतंग है साहब,
गिरती वहीं है जिसकी छत बड़ी होती है।- संकलित