1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. मध्यप्रदेश
  4. Monsoon will arrive in Madhya Pradesh within the next 48 to 72 hours.
Last Updated : मंगलवार, 23 जून 2026 (16:49 IST)

मध्यप्रदेश में अगले 48 से 72 घंटे में मानसून देगा दस्तक, जानें कैसे रहेगी इस बार बारिश?

Monsoon to arrive in Madhya Pradesh; what the monsoon will be like in the state; monsoon set to reach Madhya Pradesh on June 25.मध्यप्रदेश में मानसून देगा दस्तक
भोपाल। मध्यप्रदेश में अगले 48-72 घंटों में मानसून अपनी दस्तक दे सकता है। मध्यप्रदेश में मानसून की एंट्री पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्से से होगी और बालाघाट, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और शहडोल जैसे जिले सबसे पहले मानसूनी बारिश होगी।

25 जून को मानसून की एंट्री-भोपाल मौसम केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी एके सिंह कहते हैं कि इस बार मध्यप्रदेश में मानसून काफी लेट है, सामान्य तौर पर प्रदेश में मानसून 15-16 जून तक दस्तक दे देता है। अब उम्मीद है कि मानसून अगले 2 से 3 दिनों में प्रदेश में एंट्री कर लेगा। अभी मानसून ने छत्तीसगढ़ के बडे़ एरिया को कवर कर लिया है, ऐसे में संभावना है कि मानसून अगले 2 से 3 दिनों में प्रदेश में दस्तक दे देगा।

अल-नीनो ने मानसून पर लगाया ब्रेक- वहीं मानसून पर अलनीनो को प्रभाव पर को लेकर एके सिंह कहते है कि जब भी अलनीनो ईयर होता है तो मानसून कमजोर होता है। अलनीनों के प्रभाव के चलते इस वर्ष मानसून कमजोर रहेगा। मानसून बारिश इस बार 92 फीसदी के आसपास रहेगी।

कितना कमजोर रहेगा मानसून?-मौसम विज्ञानी एके सिंह कहते हैं कि अलनीनो के प्रभाव से मानसून लेट होता है और यहीं कारण है कि एक जून को केरल पहुंचने वाला मानसून इस बार 4 जून  को प्रदेश में एंट्री किया है और मध्यप्रदेश में सामान्य तौर पर 15-16 जून को  पहुंचने वाला मानसून 23 जून तक नहीं पहुंचा है। वहीं अलनीनो के चलते  मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में इस बार मानसून कमजोर रहेगा।

मानसून में देरी से किसान परेशान?-वहीं मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में अब तक प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। मानसून के लेट और कमजोर होने से कई जिलों में बारिश की कमी के कारण खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हुई है। मानसून लेट होने का सीधा असर सोयबीन की फसल और खरीब की बुआई पर पड़ रहा है। प्रदेश की राजधानी भोपल को छोड़कर बाकी प्रदेश में अभी जून का कोटा पूरा नहीं हुआ है, जिसके कारण बुआई लेट हो रही है। सामान्य तौर पर 4 इंच की  बारिश के बाद किसान बुआई शुरु करते है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने से खरीफ सीजन की बुवाई में तेजी आएगी। किसान लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं और मानसून की दस्तक कृषि अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

वहीं मानसून की एंट्री से प्रदेश के ऊपर चार मौसम प्रणालियां सक्रिय हो गई हैं, जिनके प्रभाव से अगले 24 से 48 घंटों में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। भोपाल, जबलपुर, नर्मदापुरम और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।  मौसम विभाग ने कई जिलों में तेज हवाओं, आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।
लेखक के बारे में
भोपाल ब्यूरो
वेबदुनिया भोपाल ब्यूरो मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों की महत्वपूर्ण खबरों के प्रकाशन का प्रमुख केंद्र है। भोपाल ब्यूरो से प्रदेश की सियासत, अपराध, व्यापार, खेल,  धर्म-संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरें सटीकता और निष्पक्षता के साथ प्रकाशित की जाती हैं।.... और पढ़ें