मध्य प्रदेश ने रचा इतिहास, मुंबई को हराकर पहली बार जीती रणजी ट्रॉफी

Last Updated: रविवार, 26 जून 2022 (18:25 IST)
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बेंगलुरु। ने रविवार को को 6 विकेट से हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी खिताब जीत लिया। मध्य प्रदेश ने बेंगलुरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में हिमांशू मंत्री (37) और शुभम शर्मा (30) की बदौलत 108 रन के लक्ष्य को हासिल कर इतिहास रचा।

आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए खेलने वाले रजत पाटीदार ने भी आरसीबी, आरसीबी के नारों के बीच बहूमूल्य 30 रन जोड़े। पाटीदार ने ही अंतिम रन बनाते हुए मध्य प्रदेश को उसका पहला रणजी खिताब जिताया।

मुंबई ने पांचवें दिन 113/2 से शुरुआत करते हुए तेजी से रन बनाए। अरमान जाफर (40 गेंदों पर 37 रन) के आउट होने के बाद क्रीज पर मौजूद सुवेद पारकर और सरफ़राज़ खान लय में दिख रहे थे, लेकिन कुमार कार्तिकेय ने पारकर को आउट कर मध्य प्रदेश के लिये दरवाजे खोल दिये। पारकर ने 58 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाकर 51 रन बनाए।
मुंबई के शम्स मुलानी (17) और तुषार देशपांडे (07) रन आउट भी हुए जिसने मध्य प्रदेश के काम को आसान किया। 232 रन पर छह विकेट गंवाने के बाद मुंबई की आखिरी उम्मीद सरफ़राज़ थे, मगर वह भी सिर्फ दो चौकों और एक छक्के की मदद से 45 रन ही बना सके। मुंबई ने अपने अंतिम सात विकेट 77 रन के अंदर खोये और टीम 269 रन पर सिमट गई।

पहली पारी में 162 रन की बढ़त हासिल करने वाली एमपी के सामने 108 रन का लक्ष्य था, जिसे उन्होंने 4 विकेट के नुकसान पर ही हासिल कर लिया। सलामी बल्लेबाज यश दूबे सिर्फ एक रन बनाकर पैवेलियन लौट गए थे और एक समय पर लग रहा था कि मैच रोमांचक हो सकता है, मगर हिमांशू और शुभम ने दबाव में संयम दिखाते हुए 52 रन की साझेदारी की।
हिमांशू के 54 रन पर आउट होने तक एमपी ने आधा रास्ता तय कर लिया था। चौथे नंबर पर आए पार्थ साहनी सिर्फ 5 रन ही बना सके, लेकिन शुभम ने टीम पर दबाव नहीं बढ़ने दिया और पाटीदार के साथ 45 रन की साझेदारी कर अपनी टीम के लिए पहली रणजी ट्रॉफी सुनिश्चित की।
पहली पारी में शतक लगाने वाले शुभम ने दूसरी पारी में एक चौके और एक छक्के के साथ 30 रन बनाए। 101 रन के स्कोर पर शुभम बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में आउट हुए जिसके बाद पाटीदार ने टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया।
मध्यप्रदेश भाजपा अध्‍यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने दी जीत की शुभकामनाएं : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने रणजी ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में मध्यप्रदेश टीम को फाइनल मुकाबला जीतने पर रणजी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने बधाई देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के लिए आज गौरव का दिन है। रणजी के इतिहास में 88 वर्षों के बाद प्रदेश ने 51 बार की चैंपियन रही मुंबई की टीम को हराया है। मध्यप्रदेश टीम की यह जीत एक ऐतिहासिक सफलता है, सभी खिलाड़ियों ने टीम भावना के साथ खेलकर विजय हासिल की है। प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने रणजी टीम के सभी खिलाड़ियों एवं उनके माता-पिता व परिजनों को बधाई दी।

शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश का प्रत्येक नागरिक इस जीत से गौरवान्वित और उत्साहित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 'खेलो इंडिया' जैसे अभियान और मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खिलाड़ियों को अनेक सुविधाएं प्रदान की हैं। जिसके परिणामस्वरूप अच्छे खिलाड़ियों को अवसर मिल रहे हैं।

सामान्य परिवारों के नौजवान खेलों में अपनी अथक मेहनत और परिश्रम से देश-प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में रणजी के खिलाड़ियों का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, शासन एवं भारतीय जनता पार्टी द्वारा जोरदार स्वागत होगा और व्यापक अभिनंदन किया जाएगा।



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