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क्या इंग्लैंड ने भारत में दोहराई है 5 साल पुरानी गलती?

भारत
इंग्लैंड क्रिकेट टीम कितना ही अच्छा क्रिकेट क्यों न खेल ले लेकिन उसके कप्तानों के निर्णय की आलोचना बहुत होती है। आज 555 रन बनाने के बाद भी एक फैसला क्रिकेट विशेषज्ञों के गले नहीं उतर रहा है। 
 
इंग्लैंड के कप्तान की मैराथन 377 गेंदें खेलने के बाद खत्म हुई। 218 के स्कोर पर जो रूट शाबाज नदीम की गेंद पर पगबाधा आउट हो गए। रूट के आउट होने के बाद अचानक से इंग्लैंड ने रन गति कम कर दी। जो रूट कह ही चुके थे कि वह 600 रन की तरफ देख रहे हैं।
 
दिन की समाप्ति में 11 ओवर बचे थे और कप्तान विराट कोहली ने इशांत शर्मा को गेंद थमाई जो अब तक 23 ओवर में कोई विकेट नहीं ले पाए थे। इशांत ने अपने 24वें ओवर की दूसरी गेंद पर जोस बटलर को और तीसरी गेंद पर जोफ्रा आर्चर को बोल्ड कर दिया।
 
इंग्लैंड के कप्तान चाहते तो पारी घोषित कर के भारतीय सलामी बल्लेबाजों पर दबाव बना सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। यही नहीं बेस और लीच ने भी इसके बाद तेज खेल नहीं दिखाया जो यह इशारा करता है कि इंग्लैंड ऑल आउट होए बिना भारत की बल्लेबाजी नहीं देखना चाहता।
 
ऐसा इंग्लैंड ने साल 2016 के पहले टेस्ट में भी किया था। पहली पारी में 500 से ज्यादा रन बनाने के बाद जब वह दूसरी पारी में बल्लेबाजी कर रहे थे तो पारी घोषित करने में इतना वक्त जाया कर दिया कि मैच ड्रॉ हो गया लेकिन इसके बाद सीरीज इंग्लैंड0-4 से हारी। 
 
इंग्लैंड की जगह कोई और टीम होती तो भारतीय बल्लेबाजों को कम से कम 7-8 ओवर जरूर खिलाती। इंग्लैंड की यह रक्षात्मक रणनीति उस पर इस मैच और सीरीज में भारी पड़ सकती है (वेबदुनिया डेस्क)
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