RECORD: इंग्लैंड में टेस्ट डेब्यू पर दोहरा शतक बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने डेवोन कॉनवे

Last Updated: गुरुवार, 3 जून 2021 (21:31 IST)
इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच लॉर्ड्स के ऐतिहासिक स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में कीवी टीम के सलामी बल्लेबाज डेवोन कॉनवे ने इतिहास रच दिया है। कॉनवे टेस्ट डेब्यू पर शतक लगाने वाले दुनिया के 6वें और न्यूजीलैंड के दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं।
डेवोन कॉनवे से पहले साल 1999 में एम सिंक्लेयर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ यह कारनामा किया था। सिंक्लेयर ने वेलिंगटन के मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार (214) रन बनाए थे। अब कॉनवे का नाम भी इस लिस्ट में शामिल हो गया है।

29 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज डेवोन कॉनवे ने मैदान के हर एक कोने में रन बनाए और लगातार मेजबान टीम के गेंदबाजों को परेशान करके रखा। उन्होंने 347 गेंदों का सामना करते हुए अपना नायाब दोहरा शतक पूरा किया। जानकारी के लिए बता दें कि कॉनवे लॉर्ड्स के मैदान पर डेब्यू पर दोहरा शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बने हैं।
टेस्ट डेब्यू पर दोहरा शतक लगाने वाले खिलाड़ी :

टिप फोस्टर (287) इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया, 1903
लॉरेंस रॉ (214) वेस्टइंडीज बनाम न्यूजीलैंड, 1972
ब्रेंडन कुरुप्पू (201)* श्रीलंका बनाम न्यूजीलैंड, 1987
मैथ्यू सिंक्लेयर (214) न्यूजीलैंड बनाम वेस्टइंडीज, 1999
जैक रूडोल्फ (222)* दक्षिण अफ्रीका बनाम बांग्लादेश, 2003

कॉनवे अपना दोहरा शतक पूरा करने के बाद रन आउट हो गए। उन्होंने 347 गेंदों का सामना किया और अपनी दोहरी शतकीय पारी में 22 चौके और एक छक्का लगाया। न्यूज़ीलैंड ने कल के तीन विकेट पर 246 रन से आगे खेलना शुरू किया।

कॉनवे ने 136 और हेनरी निकोल्स ने 46 रन से अपनी पारी को आगे बढ़ाया। इंग्लैंड के गेंदबाजों को दिन की पहली सफलता जल्द ही मिल गयी जब मार्क वुड ने निकोल्स को ओली रॉबिन्सन के हाथों कैच करा दिया। निकोल्स ने अपने खाते में 15 रन जोड़े और 175 गेंदों में चार चौकों की मदद से 61 रन बनाकर आउट हुए।
इस साझेदारी के टूटने के बाद इंग्लैंड के गेंदबाजों ने बेहतर लय के साथ गेंदबाजी की और न्यूज़ीलैंड के विकेट जल्दी जल्दी निकाले और मेहमान टीम का स्कोर आठ विकेट पर 317 रन कर दिया। बीजे वाटलिंग एक, कॉलिन डी ग्रैंडहोम शून्य, मिशेल सेंटनर शून्य और काइल जेमिसन नौ रन बनाकर आउट हुए। टीम साउदी ने आठ रन बनाये और कॉनवे के साथ नौंवें विकेट के लिए 21 रन की साझेदारी की।

कॉनवे ने आखिरी बल्लेबाज नील वेगनर के साथ आखिरी विकेट के लिए 40 रन जोड़े। इस साझेदारी के दम पर कॉनवे पदार्पण टेस्ट में दोहरा शतक पूरा करने में कामयाब रहे और यह उपलब्धि हासिल करने वाले दुनिया के छठे बल्लेबाज बने। कॉनवे दोहरा शतक पूरा करने के बाद दूसरा रन लेने की कोशिश में रन आउट हो गए। वेगनर 21 गेंदों में तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 25 रन बनाकर नाबाद रहे।
इंग्लैंड की तरफ से पदार्पण टेस्ट खेल रहे रॉबिन्सन 75 रन पर चार विकेट लेकर सबसे सफल गेंदबाज रहे। मार्क वुड ने 81 रन पर तीन विकेट और जेम्स एंडरसन ने 83 रन पर दो विकेट लिए।



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