चेतेश्वर पुजारा बोले, मौका मिले तो 4 नंबर पर खेल सकता हूं

Cheteshwar Pujara
पुनः संशोधित सोमवार, 15 जुलाई 2019 (18:04 IST)
नई दिल्ली। टेस्ट बल्लेबाज का ठप्पा पा चुके के 'श्रीमान भरोसेमंद' चेतेश्वर पुजारा का
कहना है कि यदि उन्हें वनडे में मौका दिया जाता है तो वे 4 नंबर पर खुद को साबित कर सकते हैं।

पुजारा ने सोमवार को यहां इंडियन ऑइल के खेल सम्मेलन के दौरान यह बात कही। खेल सम्मेलन में पुजारा के
साथ राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद, युगल टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना, टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंत
शरत कमल और अर्चना कामत तथा युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ तथा आईओसीएल के निदेशक (एचआर) रंजन के मोहपात्रा भी मौजूद थे।

विश्व कप में भारतीय टीम के प्रदर्शन और कोच रवि शास्त्री के चौथे नंबर पर एक मजबूत बल्लेबाज की कमी
होने के सवाल पर पुजारा ने कहा कि मैंने घरेलू क्रिकेट में पिछले 1 साल में छोटे फॉर्मेट में लगातार अच्छा
प्रदर्शन किया है। मैं टेस्ट में भी मजबूती के साथ प्रदर्शन कर रहा हूं। जब मैं टेस्ट में अच्छा कर सकता हूं तो मैं
वनडे में भी अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं।
पुजारा ने कहा कि लेकिन टीम में चुना जाना मेरे हाथ में नहीं है। एक अच्छे बल्लेबाज के तौर पर मेरी इच्छा है
कि मैं खेल के तीनों प्रारूप में खेलूंगा और मेरे अंदर यह कर पाने की क्षमता है। मेरे अंदर अब भी वनडे में
खेलने की इच्छा बाकी है।

विश्व कप में भारतीय टीम सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हारकर बाहर हुई थी। टूर्नामेंट में भारतीय बल्लेबाजी का
सबसे कमजोर पक्ष चौथा नंबर रहा था, जहां लोकेश राहुल, हार्दिक पांड्या और ऋषभ पंत को आजमाया गया। लेकिन इनमें से कोई भी बल्लेबाज एक भी अर्द्धशतक नहीं बना सका था। विश्व कप के बाद कोच रवि शास्त्री ने
स्वीकार किया था कि टीम को चौथे नंबर पर एक मजबूत बल्लेबाज की कमी खली थी।

पुजारा ने वनडे टीम के लिए अपना विकल्प पेश किया है। लेकिन यह चयनकर्ताओं को देखना है कि वे टेस्ट
बल्लेबाज का ठप्पा पा चुके इस बल्लेबाज को छोटे फॉर्मेट में मौका देंगे या नहीं? पुजारा ने भारतीय टीम के
सेमीफाइनल में हारने पर निराशा जताई और कहा कि यह देखना दुखद था कि टीम को सेमीफाइनल में हार का मुंह देखना पड़ा। लेकिन टीम यहां से वापसी करेगी और 4 साल बाद होने वाले विश्व कप में इससे बेहतर प्रदर्शन
करेगी।

उन्होंने कहा कि मेरा ध्यान अब पूरी तरह आगामी वेस्टइंडीज दौरे और टेस्ट चैंपियनशिप पर टिका हुआ है। मैं
इस दौरे के लिए कड़ा अभ्यास कर रहा हूं। हमें दौरा शुरू होने से पहले एक अभ्यास मैच खेलना है। तेज और
उछाल वाली पिचों पर खेलने की मेरी तैयारी चल रही है और हम उम्मीद करते हैं कि इस दौरे में टीम इंडिया शानदार प्रदर्शन करेगी।

भारत वेस्टइंडीज दौरे में जब टेस्ट खेलने उतरेगा तो उसके लिए टेस्ट चैंपियनशिप की शुरुआत हो जाएगी। पुजारा
ने इस संदर्भ में कहा कि अब टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से हर मैच महत्वपूर्ण होगा। पहले तो यह होता था कि
3 टेस्ट की सीरीज में आपने 2 मैच जीत लिए और तीसरा हार गए तो अधिक अंतर नहीं पड़ता था, क्योंकि
सीरीज आपके हाथ में होती थी लेकिन अब हर मैच महत्वपूर्ण रहेगा, क्योंकि हर मैच के लिए आपको अंक मिलेंगे। मुझे यकीन है कि इस चैंपियनशिप से टेस्ट की लोकप्रियता बढ़ेगी।

कप्तान विराट कोहली और तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के वेस्टइंडीज दौरे में छोटे फॉर्मेट से बाहर रहने के मुद्दे
पर पुजारा ने कहा कि मैंने भी यह खबर सुनी है। दोनों खिलाड़ी लगातार खेल रहे हैं और उन्हें ब्रेक की जरूरत है।
फिलहाल टेस्ट के बारे में पता नहीं है कि दोनों उससे बाहर रहेंगे या नहीं? यदि छोटे फॉर्मेट में दोनों खिलाड़ी नहीं खेलते हैं तो नए खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने का मौका रहेगा।

यार्कशायर के साथ कांउटी क्रिकेट खेलने के मुद्दे पर पुजारा ने कहा कि वेस्टइंडीज दौरे तक काउंटी खेलने की कोई
संभावना नहीं है। यह काउंटी टीम मुझसे ढाई महीने का समय मांग रही थी लेकिन इसी दौरान वेस्टइंडीज दौरा है
जिसके कारण मेरे लिए काउंटी खेलना संभव नहीं है। इस दौरे के बाद ही मैं काउंटी के बारे में सोचूंगा।
पुजारा के साथ खेल सम्मेलन में मौजूद पृथ्वी शॉ ने कहा कि वे अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं लेकिन कोशिश कर
रहे हैं कि वेस्टइंडीज दौरे तक फिट हो जाएं। शॉ ने कहा कि उनके लिए विश्व कप के मैचों को देखना एक बड़ा
अनुभव था। उन्होंने माना कि टीम के हारने पर उन्हें गहरी निराशा हुई लेकिन उनके लिहाज से यह विश्व कप
सीखने का सबसे बड़ा अनुभव था।

 

और भी पढ़ें :