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क्यों 3 सितंबर को ही मनाना शुभ है जन्माष्टमी, भ्रम दूर करें, इसे पढ़ें
आज रात से कल रात तक मनाएं जन्माष्टमी
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व कब मनाया जाएगा। इसे लेकर अभी तक असंमजस की स्थिति है।
वास्तव में कुछ विद्वानों का मत है कि जब 2 सितंबर की शाम में अष्टमी तिथि लग जाएगी तो फिर 2 सितंबर को ही जन्माष्टमी मनाना उचित है जबकि अन्य विद्वानों का मत है कि भले ही अष्टमी 2 सितंबर को लगेगी लेकिन अष्टमी तिथि का सूर्योदय को 3 सितंबर को ही होगा अत: 2 सितंबर को रात्रि में कान्हा का जन्म कर लेने के बाद 3 को उपवास धारण कर 3 की रात्रि में पुन: पूजन के साथ उपवास का पारण करें।
इस बार अष्टमी 2 सितंबर की रात 08:47 पर लगेगी और 3 तारीख की शाम 07:20 पर खत्म हो जाएगी।
हालांकि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव 3 सितंबर की रात को ही मनाया जाएगा। क्योंकि अष्टमी तिथि का सूर्योदय 3 सितंबर को होगा।
व्रत का परायण 3 सितंबर को रात आठ बजे के बाद किया जा सकेगा। क्योंकि आठ बजे तक रोहिणी नक्षत्र रहेगा।
