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Written By WD

हैकिंग के शि‍कार 103 देश

पि‍छले दो वर्षों में 1295 कंप्‍यूटर हैकर्स की गि‍रफ्त में

आईटी खबर
चीन की जासूस टोली 'घोस्‍टनेट' पूरी दुनि‍या के कंप्‍यूटरों पर चोरी छि‍पे नजर रख रही है। उसने ति‍ब्‍बती आध्‍यात्‍मि‍क गुरू दलाई लामा समेत कई सरकारी और नि‍जी कार्यालयों के महत्‍वपूर्ण दस्‍तावेज चुराए हैं।

द न्‍यूयार्क टाइम्‍स ने कनाडा के अनुसंधानकर्ताओं के हवाले से यह सनसनीखेज खुलासा कि‍या है। टोरंटो विवि के मंक सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्टडीज केंद्र की टीम ने अखबार को सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा कि इस जासूस टोली ने पिछले दो वर्ष में 103 देशों में 1215 कम्प्यूटरों में हैकिंग की। जासूस टोली ने ब्रुसेल्स, लंदन और न्यूयॉर्क में दूतावासों, विदेश मंत्रालयों, सरकारी कार्यालयों तथा भारत में निर्वासन का जीवन-जी रहे दलाई लामा के कम्प्यूटरों से महत्वपूर्ण और गोपनीय सूचनाएँ चुराईं। हालाँकि अमेरिकी सरकार के कार्यालय इससे बचे रहे। अनुसंधानकर्ताओं का मानना है कि चीन में स्थित कम्प्यूटरों के जरिए यह जासूसी चल रही है। उन्होंने इस जासूस टोली को "घोस्टनेट" नाम दिया है। न्यूयॉर्क में चीन महावाणिज्य दूतावास के प्रवक्ता वेंगी ने इसे बकवास बताते हुए कहा कि ये सब पुरानी रिपोर्ट हैं। चीन सरकार साइबर अपराध के पूरी तरह खिलाफ है। दरअसल दलाई लामा ने कम्प्यूटर हैक कर लिए जाने के बाद जाँच को कहा था। अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि इस टोली ने दलाई लामा के साथ-साथ दक्षिण और दक्षिण पश्चिम एशिया के देशों पर जासूसी की।

हर साल चोरी : सरकारी आँकड़ों के अनुसार इंटरनेट के जरिए दुनिया भर में प्रति वर्ष 10 खरब डॉलर से ज्यादा का लेन-देन होता है। अनुमान है कि इसमें से सौ अरब डालर साइबर अपराधी चुरा डालते हैं। हैरानी की बात ये है कि 15 फीसद साइबर अपराधियों का पता नहीं चल पाता।


कहाँ-कहाँ हैकिं

नाटो मुख्यालय, विदेश मंत्रालयों, दूतावासों, बैंकों, समाचार पत्रों के कार्यालयों, दलाई लामा और तिब्बती शरणार्थियों के कम्प्यूटरों की हैकिंग की गई। इनके अलावा न्यूयॉर्क की मशहूर इंटरनेशनल अकाउंटिंग एंड कंसल्टिंग फर्म के कम्प्यूटर भी हैकिंग से प्रभावित पाए गए।

हैकिंग का पता लगाय

इन्फॉर्मेशन वारफेयर मॉनीटर (आईडब्ल्यूएम) शोधकर्ताओं एक समूह है, जिससे ओटावा का सेकदेव ग्रुप, यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो का मंक सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्टडीज के शोधकर्ता जुड़े हैं। आईडब्ल्यूएम के जाँचकर्ताओं ने भारत, योरप और उत्तरी अमेरिका के हैकिंग पीड़ित कम्प्यूटरों से सबूत भी एकत्र किए हैं।

विदेश मंत्रालयों में सें

ईरान, बांग्लादेश, लातविया, इंडोनेशिया, फिलिपिंस, ब्रुनेई, बारबेडोस और भूटान के विदेश मंत्रालयों के कम्प्यूटरों से जानकारियों की चोरी की गई।

दूतावासों में सें

भारत, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, रोमानिया, साइप्रस, माल्टा, थाईलैंड, ताइवान, पुर्तगाल, जर्मनी और पाकिस्तानी दूतावासों के कम्प्यूटर हैक हुए। इसके बाद सतर्कता बढ़ा दी गई।
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