अब महँगी नहीं पड़ेगी गलती
मूल्यवर्द्धित सेवा देने के लिए यूजर की सहमति जरूरी
नई दिल्ली। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सभी मोबाइल ऑपरेटरों को निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी उपभोक्ता के मोबाइल पर कोई मूल्यवर्द्धित सेवा उपभोक्ता की सहमति लेने के बाद ही चालू करें। ट्राई ने कहा कि अधिकतर ऑपरेटर हेलो ट्यून जैसी कुछ मूल्यवर्द्धित सेवाएँ लेने हेतु उपभोक्ता को मोबाइल पर "स्टार" या कोई दूसरी "की" दबाने का विकल्प दे रहे हैं। ऐसे में कई बार गलती से भी उपभोक्ता से ऐसी "की" दब जाती है और उसे मूल्यवर्द्धित सेवा शुरू कर दी जाती है जबकि वास्तव में वह ऐसा चाहता नहीं है।लिखित में जानकारी देंइस स्थिति को रोकने के लिए यह जरूरी है कि ऑपरेटर पूरी पारदर्शिता बरतें और उपभोक्ता को मूल्यवर्द्धित सेवा के नियमों और शुल्क के बारे में एसएमएस, फैक्स, ई-मेल या लिखित तौर पर जानकारी दें। सेवा चालू करने के लिए उपभोक्ता से एसएमएस, फैक्स या ई-मेल आदि के जरिए सहमति भी ली जाए। आपरेटर 45 दिन के भीतर निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें।