अयोध्या राम मंदिर चोरी के 81 लाख कैसे बरामद हुए? चंपत राय की चिट्ठी से खुला बड़ा राज
Ayodhya Ram Mandir: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के संयुक्त इस्तीफे ने राम मंदिर के दानपात्र से हुई लाखों की चोरी का सच उजागर कर दिया है। ट्रस्ट अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष को लिखे गए इस पत्र में स्वीकार किया गया है कि दानपात्र से चोरी की गई 81 लाख रुपए की धनराशि वापस करवा ली गई थी।
पत्र से खुले बरामदगी के राज
पत्र के माध्यम से हुए खुलासे के मुताबिक दानपात्र के चढ़ावे की गिनती के दौरान कुछ संदिग्धों ने 81 लाख रुपए की चोरी की। 5 जून को सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर संदिग्धों की गतिविधियां दर्ज पाई गईं। 5 से 8 जून के बीच पुलिस में तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने के बजाय ट्रस्ट ने संदिग्धों से पूछताछ की। आरोपी युवकों और उनके परिजनों ने चोरी स्वीकार करते हुए 81 लाख रुपए नकद ट्रस्ट में जमा कराए और लिखित स्वीकारोक्ति दी।
SIT जांच की मांग व इस्तीफा
मामला मीडिया में आने पर पारदर्शी जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से SIT गठन का अनुरोध किया गया। श्रद्धालुओं की आस्था और ट्रस्ट की साख बनाए रखने के उद्देश्य से दोनों पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया, जिसे 6 जुलाई की बैठक में स्वीकार कर लिया गया। दूसरी ओर, मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद यूपी सरकार ने एसआईटी का पुनर्गठन किया। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के 13 जुलाई के आदेश के तहत यह नई जांच टीम गठित की गई है। इनमें खनऊ रेंज की आईजी किरण एस जांच टीम का प्रमुख बनाया गया, जबकि अयोध्या के डीआईजी सोमेन वर्मा और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर सदस्य के रूप में शामिल हैं।
सवाल और आक्रोश?
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि जांच में अब तक केवल छोटे कर्मचारियों पर गाज गिरी है, जबकि बड़े पदाधिकारियों से गहन पूछताछ होना अभी बाकी है।
ट्रस्ट में प्रशासनिक बदलाव
राम मंदिर ट्रस्ट का नए सिरे से पुनर्गठन किया जा रहा है। जगदीश आफले को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला सचिव नियुक्त किया गया है। ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के खातों के संचालन के लिए जगदीश आफले को आधिकारिक सिग्नेचर अथॉरिटी सौंपी गई है। आफले IIT मुंबई से बीटेक/एमटेक हैं। वे बचपन से ही RSS से जुड़े रहे हैं। अमेरिका और यूरोप में बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम करने के बाद वे बिना कोई फीस लिए राम मंदिर के प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
CEO पद के लिए हो रही स्क्रीनिंग
ट्रस्ट में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए 5 हजार 200 आवेदन प्राप्त हुए हैं। रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली कमेटी आवेदनों की जांच कर रही है। सचिव, प्रवक्ता और पहले CEO के नाम की आधिकारिक घोषणा 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में की जाएगी।

