ऑपरेशन पीस स्प्रिंग : तुर्की की सेना का सीरिया पर हमला, अमेरिका नाराज

Last Updated: गुरुवार, 10 अक्टूबर 2019 (10:57 IST)
अंकारा। तुर्की की सेना ने सीरिया पर हमला कर दिया। तुर्की के सुरक्षा बल ‘ऑपरेशन पीस स्प्रिंग’ के तहत उत्तरी सीरिया में लगातार आगे बढ़ते जा रहे हैं।
इस हमले से अमेरिका नाराज हो गया है। वहां की संसद ने तुर्की पर कड़े प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है।
समाचार एजेंसी एनाडोलु के अनुसार तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने कहा, 'ऑपरेशन पीस स्प्रिंग' में शामिल हमारे वीर कमांडो क्षेत्र (उत्तरी सीरिया) में लगातार आगे बढ़ते जा रहे हैं।'
मंत्रालय ने कहा कि उत्तरी सीरिया में बुधवार को तुर्की के शुरू किये गये सैन्य अभियान के बाद इसके सुरक्षा बलों का लगातार आगे बढ़ना जारी है। तुर्की ने उत्तरी सीरिया में कुर्द लड़ाकों और आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अभियान बुधवार को शुरू किया है।
तुर्की सेना के अनुसार, तुर्की ने अभियान शुरू किए जाने के बाद से अब तक हवाई हमला कर 181 कुर्द ठिकानों को निशाना बना चुका है। कुर्द लड़कों ने भी इसके जवाब में सीरिया-तुर्की सीमा के दोनों ओर कई बस्तियों पर हमला बोला है।

तुर्की के लड़ाकू विमानों का
जेल पर हमला:
कुर्द लड़ाकों के नेतृत्व वाली सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एसडीएफ) ने गुरुवार को कहा कि तुर्की के लड़ाकू विमानों ने उत्तरी सीरिया में एक जेल को निशाना बनाकर हमले किए जिसमें इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों को रखा जाता है।
अमेरिका नाराज, तुर्की पर कड़े प्रतिबंध का प्रस्ताव : अमेरिकी सीनेट के सदस्य लिंडसे ग्राहम और क्रिस वैन होलेन ने एक प्रस्ताव पेश किया है जिसमें तुर्की के खिलाफ लगाए जाने वाले प्रतिबंधों की एक विस्तृत श्रृंखला का प्रावधान है। यह प्रस्ताव तुर्की की ओर से उत्तरी सीरिया में अपना सैन्य अभियान शुरू करने के बाद लाया गया है।

प्रस्ताव के तहत यदि तुर्की 90 दिनों के भीतर अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष यह प्रमाणित न कर पाया कि सीरिया में उसने अपने एकतरफा सैन्य अभियान को रोक दिया है और अपनी सेनाओं को उन क्षेत्रों से वापस बुला लिया है जहां उन्हें नौ अक्टूबर से अपने अभियान की शुरुआत की थी, तो उस पर इस प्रस्ताव के तहत कड़े अनिवार्य प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

सुरक्षा परिषद की बैठक : सीरिया के मुद्दे पर चर्चा के लिए गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक होगी। तुर्की द्वारा उत्तरी सीरिया में अपने सैन्य अभियान शुरू किए जाने के बाद यह बैठक बुलाई गई है। इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

चित्र सौजन्य : फाइल फोटो

 

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