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Last Modified: सोमवार, 23 मई 2022 (21:40 IST)

यूरोप में मंकीपॉक्स फैलने की असली वजह आई सामने, 10 से ज्यादा देशों में फैला वायरस

यूरोप में मंकीपॉक्स फैलने की असली वजह आई सामने, 10 से ज्यादा देशों में फैला वायरस - The real reason behind the spread of monkeypox in Europe
लंदन। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के एक प्रमुख सलाहकार ने विकसित देशों में दुर्लभ बीमारी मंकीपॉक्स के प्रकोप को ‘अप्रत्याशित घटना’ के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा कि यूरोप में हाल में 2 रेव पार्टियों में जोखिम भरे यौन व्यवहार के कारण संभवत: इसका प्रसार हुआ।
 
डब्ल्यूएचओ के आपातकालीन विभाग के प्रमुख रहे डॉ. डेविड हेमन ने कहा कि सबसे मजबूत सिद्धांत यह है कि स्पेन और बेल्जियम में आयोजित दो रेव पार्टियों में समलैंगिकों और अन्य लोगों के बीच यौन संबंधों की वजह से इस बीमारी का प्रसार हुआ है। मंकीपॉक्स पूर्व में अफ्रीका के बाहर नहीं फैला था, जहां पर यह स्थानीय स्तर की बीमारी थी।
 
यौन संबंधों से और फैलती है बीमारी : हेमन ने कहा कि हम जानते हैं कि मंकीपॉक्स तब फैल सकता है, जब संक्रमित के करीबी संपर्क में कोई आता है और यौन संबंधों की वजह से इस बीमारी का प्रसार और बढ़ जाता है।
 
जर्मनी की सरकार ने सांसदों को एक रिपोर्ट में कहा है कि आगे मंकीपॉक्स के और भी मामले आ सकते हैं। जर्मनी में 4 पुष्ट मामलों का जुड़ाव ग्रेन केनेरिया समेत अन्य जगहों पर पार्टी के आयोजन से है, जहां लोगों के बीच यौन गतिविधियां हुई थीं।
 
10 से ज्यादा देशों में मंकीपॉक्स के मामले : डब्ल्यूएचओ ने ब्रिटेन, स्पेन, इसराइल, फ्रांस, स्विट्जरलैंड, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया सहित 10 से ज्यादा देशों में मंकीपॉक्स के 90 से अधिक मामले दर्ज किए हैं। सोमवार को डेनमार्क में मंकीपॉक्स का पहला मामला आया। वहीं, पुर्तगाल में 37 मामले आ चुके हैं। इटली में भी एक और नया मामला आया है।
 
गे प्राइड कार्यक्रम में जुटे थे 80 हजार लोग : मैड्रिड के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी एनरिक रूज एसकुदेरो ने कहा कि स्पेन की राजधानी में अब तक 30 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्राधिकार केनेरी आइलैंड में ‘गे प्राइड कार्यक्रम’ और बीमारी के बीच संभावित जुड़ाव की जांच कर रहे हैं, जहां करीब 80,000 लोग आए थे।
 
हेमन ने मौजूदा महामारी का आकलन करने के लिए शुक्रवार को संक्रामक रोग पर डब्ल्यूएचओ के परामर्श समूह की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि अभी ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि मंकीपॉक्स ज्यादा संक्रामक रूप में बदल सकता है।
 
इस तरह फैलता है मंकीपॉक्स : मंकीपॉक्स आमतौर पर बुखार, ठंड लगने, चेहरे या जननांगों पर दाने और घाव का कारण बनता है। यह किसी संक्रमित व्यक्ति या उसके कपड़ों या चादरों के संपर्क के माध्यम से फैल सकता है, लेकिन अभी तक यौन जनित संक्रमण का दस्तावेजीकरण नहीं किया गया है। अधिकतर लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं होती और कुछ हफ्तों के भीतर बीमारी से ठीक हो जाते हैं। चेचक के खिलाफ टीके, मंकीपॉक्स को रोकने में भी प्रभावी हैं और कुछ एंटीवायरल दवाएं विकसित की जा रही हैं।
 
कुछ वैज्ञानिकों ने कहा है कि यह अभी पुष्टि कर पाना मुश्किल है कि यौन संपर्क की वजह से हाल में यूरोप में मंकीपॉक्स का प्रसार हुआ। इंपीरियल कॉलेज लंदन के विषाणु विज्ञानी माइक स्किनर ने कहा कि यौन गतिविधि में अंतरंग संपर्क शामिल होता है, जिससे प्रसार के बढ़ने की आशंका होती है, लेकिन इसमें किसी व्यक्ति के यौन रुझान और संचरण के माध्यम का पता नहीं लगता।
 
डब्ल्यूएचओ ने कहा कि पुष्टि किए गए मामले मंकीपॉक्स वायरस के कम गंभीर पश्चिम अफ्रीकी समूह के हैं और एक ऐसे वायरस से जुड़े हुए प्रतीत होते हैं जो पहली बार 2018-2019 में नाइजीरिया से ब्रिटेन, इसराइल और सिंगापुर जाने वालों में पहचान हुई थी। ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी की मुख्य चिकित्सा सलाहकार डॉ. सुसान हॉपकिंस ने रविवार को कहा कि देश में रोजाना आधार पर मंकीपॉक्स के और मामले आने की आशंका है।
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