suvichar

चीन और अमेरिका में तनातनी, मिसाइल विध्वंसक भेजकर तनाव भड़काया

Updated: मंगलवार, 12 फ़रवरी 2019 (00:58 IST)
बीजिंग। चीन ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने सोमवार को विवादित दक्षिण चीन सागर द्वीप के पास से मिसाइल विध्वंसक भेजकर तनाव भड़काने की कोशिश की है।
 
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनइंग ने बताया कि बीजिंग के दावे वाले स्पार्टली द्वीप के पास से सोमवार तड़के 2 युद्धपोत गुजरे थे। इसे अमेरिका ने नौवहन अभियान की आजादी बताया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का मकसद दक्षिण चीन सागर में तनाव भड़काना और शांति को कम करना है।
 
चुनइंग ने अमेरिका से भड़काऊ कार्रवाई नहीं करने का अनुरोध किया। यूएसएस स्प्रुआंस और यूएसएस प्रेबल ऐसे वक्त में द्वीप के नजदीक से होकर गुजरे हैं, जब अमेरिका और चीन को इस हफ्ते अहम व्यापार वार्ता करनी है। इस बातचीत का मकसद दुनिया की 2 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार जंग को रोकना है।
 
चीन लगभग समूचे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है, जबकि ताईवान, फिलीपीन्स, ब्रुनेई, मलेशिया और वियतनाम भी इस पर दावा करते हैं। अमेरिका और उसके सहयोगी अक्सर दक्षिण चीन सागर द्वीपों के नजदीक से अपने विमान और युद्धपोत भेजते हैं। (भाषा)

Show comments

SIM Card Rules: 9 से ज्यादा SIM रखने वालों पर कसेगा शिकंजा, 23 अगस्त से लागू होगा नया नियम; जानें क्या बदलेगा

Sajjan Kumar Death: 1984 सिख विरोधी दंगों में उम्रकैद काट रहे पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का निधन, 80 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

SBI ने करोड़ों की Bulk FD पर घटाई ब्याज दरें, 15 अगस्त से लागू हुए नए रेट; वरिष्ठ नागरिकों को भी झटका

महाकाल मंदिर में 1000 से ज्यादा जूतों के ढेर में खो गया जूता, ChatGPT ने चुटकियों में खोज निकाला

Belonging: राजनीति, प्‍यार और निजी जिंदगी तक, गांधी परिवार में हुईं हत्‍याओं के बाद कैसे बदल गई सोनिया गांधी की जिंदगी

सभी देखें

सोमालिया के पास समुद्री डाकुओं ने कार्गो शिप किया हाईजैक, जहाज में 6 भारतीय भी सवार, हथियारों की थी खेप

Sugar Price : चीनी के दाम क्यों बढ़ रहे हैं? 15 दिन में ₹20 महंगी हुई, सरकार ने उठाया बड़ा कदम, जानें आपके लिए क्या बदलेगा

अयोध्या कचहरी लॉकअप से शातिर चोर फरार, गार्द को चकमा देकर भागा दीपक; दो पुराने फरार बंदियों का भी नहीं मिला सुराग

योगी सरकार की ओडीओपी योजना से बदली राजन की तकदीर, टेराकोटा ने दिलाई नई पहचान

केन-बेतवा लिंक परियोजना: अफवाहों का गुबार बनाम जमीनी हकीकत, जानिए दावों के पीछे का सच

अगला लेख