शुक्रवार, 27 मार्च 2026
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Indore truck accident: इंदौर ट्रक हादसे के बाद लोगों ने सुनाई खौफनाक मंजर की दास्‍तां

18 आईपीएस की फौज ने इंदौर में कर दिया कानून व्यवस्था का श्राद्ध

Indore truck accident
आम लोग नहीं बनते मसीहा तो बड़ा गणपति ट्रक हादसे में जाती कई जानें, सीएम यादव ने आधा दर्जन अधिकारी और कान्‍स्‍टेबल को हटाया

कमिश्‍नर संतोष सिंह के नेतृत्‍व में व्‍यवस्‍था संभाल रहे 18 आईपीएस ने सोमवार को इंदौर की कानून व्‍यवस्‍था का श्राद्ध कर डाला। शहर के सबसे व्‍यस्‍तम क्षेत्र बड़ा गणपति में एक ट्रक मौत का वाहन बनकर आता है और कुछ ही मिनटों में 15 से ज्‍यादा लोगों रौंद जाता है। इनमें से 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो जाती है और जो घायल हैं। घायल लोग शहर के चार अस्पताल में मौत से जंग लड़ रहे हैं। बड़ा गणपति स्थित गीतांजलि अस्पताल, बांठिया, वर्मा और सेठी अस्पताल में कई घायलों का इलाज चल रहा है।
हैरान करने वाली बात तो यह है कि हादसे के दूसरे दिन भी बड़ा गणपति से लेकर शहर के किसी चौराहे या सड़क पर कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया। न तो कहीं कोई पुलिस थी और न ही पुलिस की जात नजर आई। हां, बापट चौराहे समेत कुछ दूसरे इलाकों में ट्रैफिक के जवान जरूर भारी वाहन चालकों से चालान वसूली कर अपनी जेबें भरते नजर आए।
Indore truck accident
लोगों ने सुनाई खौफनाक मंजर की दास्‍तां : वेबदुनिया को प्रत्‍यक्षदर्शी लोगों ने बड़ा गणपति ट्रक हादसे की खौफनाक कहानी सुनाई। लोगों ने बताया कि 70 से 80 से ज्‍यादा की स्पीड में 1 km से ज्यादा दूरी तक कई लोगों को ट्रक ने रौंदा था। ड्राइवर नशे में धुत था। यह ट्रक एयरपोर्ट रोड पर सोमवार शाम को बेकाबू हुआ था। लोगों ने बताया कि 4 बजे के बाद इस मार्ग नो एंट्री है, लेकिन बावजूद इसके ट्रक इस व्‍यस्‍तम इलाके में घुस आया। मंदिर के सामने फूल माला बेचने वाले विजय कसेरा ने बताया कि इतना खौफनाक मंजर कभी नहीं देखा। एक बाइक सवार ट्रक के नीचे एक किमी से ज्‍यादा दूरी से रगड़ाकर आ रहा था। पान की दुकान संचालक राहुल खंडारे ने बताया कि किसी का हाथ तो किसी का पैर धड़ से अलग हो गया था। एक आदमी का पेट फटकर सड़क पर फेल गया था। चाय वाले जीवन सिंह ने बताया कि देखते ही देखते ट्रक ने तबाही मचा दी। बम जैसा धमाका हुआ और ट्रक में आग लग गई। कई लोगों को ट्रक ने चपेट में लिया।
Indore truck accident
आम आदमी बना मसीहा : वेबदुनिया पड़ताल में सामने आया कि ट्रक हादसे के बाद देर तक वहां कोई पुलिसकर्मी या अधिकारी नहीं था। जबकि पास में ही बड़ा गणपति थाना है। हादसे के बाद आम लोगों ने ही घायलों की मदद की। ट्रक के नीचे से लोगों को निकाला, जलते हुए लोगों की आग बुझाई और कईयों को आसपास के अस्‍पताल पहुंचाया। अगर हादसे के तुरंत बाद सड़क से गुजरता आम आदमी इन घायलों का मसीहा बनकर उनकी मदद नहीं करता तो कई मौतें हो सकती थीं। कई बाइक सवारों ने ट्रक के आगे भागते हुए लोगों को चिल्‍ला चिल्‍लाकर सड़क से हटने के लिए कहा, वे ऐसा नहीं करते तो कई लोग ट्रक के नीचे दब जाते।

आईपीएस अधिकारियों ने कर दिया व्‍यवस्‍था का श्राद्ध : इस हादसे के बाद इंदौर पुलिस की लापरवाही और पुलिस की मोटी चमड़ी वाला चरित्र का एक बार फिर से सामने आया है। कमिश्‍नरी सिस्‍टम लागू होने के बाद शहर में 18 आईपीएस अधिकारियों की फौज है। कई आला अधिकारी भी हैं, लेकिन इंदौर की कानून व्‍यवस्‍था लगातार खाकी वर्दी के हाथों से फिसलती जा रही है। कमिश्‍नरी के पहले एक एसपी, एक टीआई और कुछ कान्‍स्‍टेबल मिलकर ही पूरे शहर की मॉनेटरिंग कर लेते थे, लेकिन कमिश्‍नर सिस्‍टम के बाद तो शहर में पुलिस ढूंढने पर भी नजर नहीं आ रही है। खुद कमिश्‍नर संतोष सिंह कभी शहर की तफरी करने तक नहीं निकलते हैं। ऐसे में उनके अधिनस्‍थ अधिकारियों से शहर को कोई उम्‍मीद ही नहीं है। जिस तरह से शहर में ये भयावह हादसे हो रहे हैं, लगता है इन 18 आईपीएस अधिकारियों ने शहर की कानून व्‍यवस्‍था का श्राद्ध ही कर दिया है।

पुलिस का काम बस बैरिकैड्स लगाकर शराब पीने वालों को पकड़ना : आम लोगों का कहना है कि कमिश्‍नरी लागू होने के बाद शहर पुलिस इतनी ज्‍यादा मदमस्‍त हो गई है कि चौराहों खड़े होकर सिर्फ मोबाइल देखती रहती है। उन्‍हें कोई मतलब नहीं कि शहर का ट्रैफिक किस कदर बदहाल हो रहा है। वे सिर्फ  रात में बार और अहातों के आसपास ड्रिंक एंड ड्राइव वालों पर चालानी कार्रवाई कर अपनी जेबें भर रही है।
Indore truck accident
नपे अधिकारी और कान्‍स्‍टेबल : मुख्‍यमंत्री मोहन यादव को एक्‍शन लेना पड़ा। सीएम यादव ने पुलिस उपायुक्त यातयात अरविन्द तिवारी को हटा दिया है। सुरेश सिंह ACP, प्रेम सिंह प्रभारी ASI (बिजासन प्रभारी), चन्द्रेश मरावी प्रभारी सूबेदार (सुपर कोरिडोर प्रभारी), दीपक यादव निरीक्षक (सुपर कोरिडोर से एरोड्रम प्रभारी समेत ड्यूटी पर तैनात सभी चार कांस्टेबल को निलंबित किया है। हादसे के दूसरे दिन मंगलवार को सीएम मोहन यादव ने गीतांजलि और वर्मा हॉस्‍पिटल में दौरा कर घायलों से मुलाकात की। सीएम ने मृतक के परिजन को 4 लाख और घायलों को 1 लाख रुपए की मदद की घोषणा की। घायलों के इलाज का खर्चा सरकार वहन करेगी। एक कान्सटेबल पंकज यादव और आटो रिक्शा अनिल कोठारी चालक को अच्छा काम करने के लिए पुरस्कृत करने की घोषणा की। कांग्रेस जिला अध्यक्ष विपिन वानखेडे भी अस्पताल पहुंचे और मरीजों से मिले। उन्होंने सरकार पर इंदौर की ट्रैफिक बदहाली और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। कलेक्टर शिवम वर्मा से कहा कि पीड़ितों के इलाज में किसी तरह की कोई कमी न रहें सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करे।
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