टैंकर ने ली मां और 2 बच्चों की जान, कार में बच्ची का दम घुटा, एमजीएम के होस्टल में डॉक्टर की संदिग्ध मौत
इंदौर में सोमवार को अलग- अलग मामलों में मिलाकर 5 लोगों की मौत हो गई। एक हादसे में मां और दो मासूम बच्चों को टैंकर ने टक्कर मारकर कुचल दिया। वहीं खेलते हुए कार में छुपी बच्ची अंदर लॉक हो गई, जिससे उसका दम घुट गया। इसके साथ ही महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज के बॉयज होस्टल में एक डॉक्टर की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। उनका शव होस्टल परिसर में खून से लथपथ मिला है।
मां के साथ दो मासूमों की मौत : ग्राम कलारिया का रहने वाले अशोक देवड़ा, पत्नी अनिता, बेटा रोहन और सालभर की बेटी के साथ बाईक से धार रोड पर जा रहा था, तभी हाईलिंक सिटी के मुख्य मार्ग के सामने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाकर आ रहे टैंकर ने उन्हें टक्कर मार दी। घटना के बाद अशोक की बाइक का संतुलन बिगड़ा और वे गिर गए। अनिता अपने बच्चों के साथ सडक़ की और से गिरी और उन पर से टैंकर का पहिया कुचलकर निकल गया। घटना में अनिता सहित उसके दोनों बच्चों की मौके पर मौत हो गई, जबकि सडक़ की दूसरी और गिरे अशोक को भी चोटें आई है। उधर खुड़ैल इलाके में दूध व्यवसायी ईश्वर चौधरी, निवासी दूधिया की भी सडक़ हादसे में मौत हो गई, वह दूध लेने के लिए डेयरी पर जा रहा था। उसे एक वाहन वाले ने टक्कर मार दी, जिससे वह सडक़ पर गिर गया और गंभीर चोटें लगने से उसकी मौत हो गई।
डॉक्टर की आत्महत्या या हत्या : इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में पीजी के अंतिम वर्ष के छात्र डॉ. अमन पटेल की आत्महत्या से मेडिकल कॉलेज परिसर में सनसनी फैल गई। 30 वर्षीय डॉ. अमन ने कॉलेज हॉस्टल की पांचवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। घटना के बाद कॉलेज प्रबंधन, छात्र और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
कार में लॉक हुई बच्ची का दम घुटा : इंदौर के जूनी इंदौर में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। नंदन वन कॉलोनी में खेलते-खेलते कार में छिपी 4 साल की मासूम बेबी हाजरा की दम घुटने से मौत हो गई। मासूम करीब दो घंटे तक बंद कार में तड़पती रही, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। जब तक परिजन उसे बाहर निकालते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बेबी हाजरा रविवार दोपहर घर के बाहर बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान वह पास में खड़ी कार में जाकर बैठ गई। खेल-खेल में बच्ची ने खुद को सीटों के बीच छिपा लिया, लेकिन अचानक कार का लॉक लग गया और वह अंदर ही कैद हो गई। दोपहर की तेज गर्मी में बंद कार कुछ ही मिनटों में भट्टी जैसी हो गई। अंदर ऑक्सीजन कम होने लगी और मासूम का दम घुटने लगा। इधर परिवार को लगा कि बच्ची आसपास ही खेल रही होगी, लेकिन काफी देर तक नजर नहीं आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। करीब दो घंटे तक कॉलोनी और आसपास के इलाकों में बच्ची को ढूंढा गया। परिवार के लोग बदहवास होकर हर गली और घर में उसे तलाशते रहे। इसी बीच किसी ने शक जताया कि बच्ची कार के अंदर हो सकती है। जब परिजनों ने कार का दरवाजा खोला तो अंदर का दृश्य देखकर सबके होश उड़ गए।
Edited By: Naveen R Rangiyal
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