तेज भागती लाइफस्टाइल में सभी के पास वक्त की कमी है। ऐसे में होम मेकर्स के फास्ट वर्किंग और कंफर्ट के लिए इंटीरियर में खासे प्रयोग किए जा रहे हैं। घर के हर पोर्शन को सुविधाजनक बनाने के लिए कुछ साल पहले तक किचन के इंटीरियर में मॉड्यूलर किचन के कांसेप्ट ने दखल दी, लेकिन अब इंटीरियर डिजाइनर्स ने इसे कंफर्टेबल बना दिया है।
किचन पर खर्च कर रहे लाखों किचन क्विन के कंफर्ट के लिए चेंज हो रहे किचन डेकोरेशन के अलग-अलग कांसेप्ट पर लोग हजारों रुपए से लेकर पाँच लाख रुपए तक खर्च करने से नहीं चूक रहे हैं। मॉड्यूलर किचन की रेंज 80000 से चार लाख रुपए तक है वहीं ओपन किचन व आईलैंड विद मॉड्यूलर किचन के चार्जेस इनमें यूज होने वाले मटेरियल के अनुसार बढ़ती जाती है, जो दस लाख तक हो सकती है।
वॉल कलर्स में भी बदलाव इंटीरियर को पूरी तरह से इकोफ्रेंडली बनाने के लिए अब कलर्स का सिलेक्शन भी सोच-समझकर किया जा रहा है। इसमें नेचुरल वुड कलर, लीफ टैक्सचर्स के साथ ही नेचर थीम पर वॉल पेपर्स लगाए जा रहे हैं। फ्लोरल पैटर्न, सीनरी, बीच, टैक्सचर्ड वॉलपेपर का यूज किया जाता है।
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वुडन फर्नीचर को मैटेलिक लुक व हैवी पर्दों को रॉयल लुक देने के लिए परपल और मरून शेड को मिक्स करके प्रयोग किया जाता है। रॉट आयरन का इस्तेमाल भी अब बढ़ गया है, जिससे लकड़ी की बचत की जा रही है।
फूल के पौधों का स्थान लेते रंग बिरंग पौधे गर्मी के मौसम में बहुत कम ऐसे पौधे होते हैं जिन पर फूल आता है। लगभग हर फूल के पौधे का सीजन दो से तीन महीने का होता है इसके बाद साल भर पौधा खाली खड़ा रहता है इसलिए धीरे-धीरे फूलों के पौधों के स्थान पर रंग-बिंरगी पत्ती वाले पौधे डेकोरेशन के लिए लगाने का चलन बढ़ रहा है।
फूलों के पौधों के स्थान पर ड्राइसीना क्लोरमा, जनायडू, फर्न, क्रोटन बेबी, स्पाटा ग्रास मेरी, क्रोटन बैंगलोरी, क्रोटन पिटरा, रेपीस पाम जैसे रंग-बिरंगी पत्ती वाले पौधे लगाये जाने लगे हैं।