गुजरात में बड़ा सियासी फेरबदल: IPS मनोज निनामा का इस्तीफा, BJP टिकट पर चुनाव लड़ने की अटकलें तेज
गुजरात पुलिस बल के वरिष्ठ अधिकारी और 2006 बैच के IPS मनोज निनामा के अचानक इस्तीफे ने राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। सोमवार शाम तक गांधीनगर स्टेट ट्रैफिक विंग में IGP के पद पर तैनात निनामा ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है, जिसे स्वीकार भी कर लिया गया है। वे मई 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही इस्तीफा देकर उन्होंने राजनीति में प्रवेश के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं।
स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा के संभावित उम्मीदवार
गुजरात में वर्तमान में 15 नगर निगमों सहित कुल 393 स्थानीय निकायों के चुनाव का माहौल गर्म है। प्रबल संभावना है कि मनोज निनामा अपने गृह जिले अरावली की भिलोड़ा सीट से जिला पंचायत चुनाव लड़ सकते हैं। भाजपा उन्हें आदिवासी बहुल क्षेत्र में उम्मीदवार बना सकती है। गौरतलब है कि नामांकन की अंतिम तिथि 11 अप्रैल है, जबकि 26 अप्रैल को मतदान और 28 अप्रैल को परिणाम घोषित किए जाएंगे।
उत्तर गुजरात में भाजपा का 'मास्टरस्ट्रोक'
अरावली और भिलोड़ा क्षेत्र पारंपरिक रूप से कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। ऐसे में एक शिक्षित और अनुभवी आईपीएस अधिकारी को चुनावी मैदान में उतारकर भाजपा एक बड़ा 'मास्टरस्ट्रोक' खेलने की तैयारी में है। इससे पहले भी पूर्व IPS पी.सी. बरंडा इसी तरह राजनीति में शामिल हुए थे और विधायक बनने के बाद मंत्री भी बने थे। मनोज निनामा के प्रवेश से उत्तर गुजरात के आदिवासी बेल्ट में भाजपा की पकड़ और मजबूत हो सकती है।
कौन हैं मनोज निनामा?
मनोज निनामा 2006 बैच के IPS अधिकारी हैं, जिन्हें 2012 में SPS कैडर से पदोन्नत किया गया था। B.Com और LLB की पढ़ाई करने वाले निनामा आदिवासी समुदाय से आते हैं और उन्होंने वडोदरा के साथ-साथ राज्य ट्रैफिक शाखा में महत्वपूर्ण सेवाएं दी हैं। गुजरात की राजनीति में आदिवासी वोटों का हमेशा से महत्व रहा है, ऐसे में निनामा जैसा प्रभावशाली चेहरा भाजपा के लिए आदिवासी समुदाय के बीच अपनी पैठ बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है। Edited by : Sudhir Sharma
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