जागृति पंड्या न्याय के नाम पर लड़ रहीं हैं चुनाव

अहमदाबाद| भाषा|
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भाजपा के दिवंगत नेता हरेन पांड्या की पत्नी जागृति पंड्या पति के लिए ‘न्याय’ के नाम पर चुनाव लड़ रही हैं। वे अपने पति की हत्या के लिए मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराती हैं और एलिस ब्रिज निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से वोट के लिए कर रही हैं।

मोदी के निर्वाचन क्षेत्र मणिनगर के पास स्थित एलिस ब्रिज भाजपा के लिए सुरक्षित सीट मानी जाती रही है और वे 1995 से इस सीट पर 4 बार जीत दर्ज कर चुकी हैं। एलिस ब्रिज मध्यम और उच्च आय वाले तबके का निर्वाचन क्षेत्र माना जाता है।

इस सीट पर वर्तमान भाजपा विधायक राकेश शाह, भाजपा से अलग होकर गुजरात परिवर्तन पार्टी बनाने वाले केशुभाई पटेल द्वारा चुनाव मैदान में उतारी गईं जागृति पंड्या तथा कांग्रेस के कमलेश शाह के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। हालांकि 6 अन्य उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में हैं।
हरेन पंड्या लोकप्रिय नेता थे और इस सीट पर उन्होंने दो बार 1995 तथा 1998 में जीत दर्ज की थी। 2003 में उनकी सुबह की सैर पर जाते समय हत्या कर दी गई थी। उनका परिवार इसके लिए मोदी पर आरोप लगाता है।

पार्टी के अंदरुनी सूत्रों के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच तब मनमुटाव शुरू हुआ था, जब 2001 में मुख्यमंत्री बनने के बाद मोदी चाहते थे कि विधानसभा में उनके प्रवेश के लिए पंड्या एलिस ब्रिज सीट खाली कर दें, लेकिन पंड्या ने मना कर दिया था।
इसके बाद मोदी ने राजकोट से चुनाव लड़ा और जीत गए। फिर उन्होंने पंड्या को गृहमंत्री के पद से हटा दिया। गोधरा कांड और सांप्रदायिक दंगों के बाद हुए 2002 के विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट भी नहीं मिला।

गुजरात उच्च न्यायालय ने पिछले साल अगस्त में पंड्या की हत्या के सभी 12 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था और जांच में लापरवाही के लिए सीबीआई की आलोचना की थी। आदेश के खिलाफ सीबीआई की विशेष अनुमति याचिका उच्चतम न्यायालय में अब भी लंबित है।
जागृति पंड्या का कहना है कि मैं अपने पति के लिए न्याय चाहती हूं जिन्होंने भाजपा के लिए अपना जीवन दे दिया, लेकिन 10 सालों में इसके किसी भी नेता ने मेरी कोई मदद नहीं की और मैं अदालतों में लड़ाई लड़ती रही। उन्होंने कहा कि हरेन को उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोग प्यार करते थे। मुझे वोट देना उनके (हरेन) लिए वोट देने के समान होगा। एलिस ब्रिज के लोगों की ओर से उनके लिए यह सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी।
जागृति निलंबित आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट की पत्नी श्वेता भट्ट को पसंद करती हैं। श्वेता अपने पति की मोदी के खिलाफ लड़ाई के चलते राजनीति के क्षेत्र में उतर आई हैं। श्वेता और जागृति दोनों ही ब्राह्मण हैं। मणिनगर और एलिस ब्रिज निर्वाचन क्षेत्रों में ब्राह्मणों की अच्छी-खासी संख्या है।

एलिस ब्रिज में राजनीतिक रूप से प्रभावशाली माने जाने वाले ब्राह्मण और पटेल तथा बनियों की तादाद करीब 60 प्रतिशत है। प्रवीण तोगड़िया के प्रति वफादार रहे विश्व हिन्दू परिषद के एक धड़े के बारे में कहा जाता है कि वह चुनाव मैदान में जागृति पांड्या का समर्थन कर रहा है।
विहिप के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक केशुभाई को पसंद रने वाले तोगड़िया लेउवा पटेल हैं। वे अयोध्या आंदोलन में अग्रिम मोर्चे पर रही विश्व हिन्दू परिषद को गुजरात में हाशिए पर कर देने के कारण मोदी के खिलाफ हो गए। (भाषा)



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