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Written By WD

राजग का कुनबा बढ़ाएंगे बादल

-पार्थ अनिल

राजग
नई दिल्ली। भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का कुनबा बढ़ाने के मकसद से अकाली दल के नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाशसिंह बादल एक बार फिर हरियाणा की राजनीति में पिछले कुछ समय से अलग-थलग पड़ी ओमप्रकाश चौटाला की पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) को भी राजग में लाने की कोशिशों में जुट गए हैं। इस सिलसिले में उन्होंने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष राजनाथसिंह से अलग-अलग मुलाकात की है।
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हाल ही में भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में भाग लेने दिल्ली आए नरेंद्र मोदी से बादल की मुलाकात राजधानी के एक पांच सितारा होटल में हुई, जबकि राजनाथ से वे पंजाब भवन में मिले। बादल ने दोनों नेताओं को समझाने की कोशिश की कि इनेलो को राजग में शामिल करने से भाजपा और इनेलो दोनों को ही फायदा होगा और राजग के मिशन 272+ को कामयाब बनाने में भी मदद मिलेगी। इस सिलसिले में बादल ने 1999 के चुनाव का भी हवाला दिया, जिसमें दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन था जिसके चलते भाजपा-इनेलो राज्य की सभी 10 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल करने मे कामयाब रहे थे। उस चुनाव में भाजपा को 29.21 प्रतिशत और इनेलो को 28.72 प्रतिशत वोट मिले थे। उसके बाद हुए हर चुनाव में भाजपा और इनेलो अलग-अलग मैदान में उतरे और वोटों के बंटवारे के चलते हारते रहे।

सूत्रों के मुताबिक वोटों के बिखरने से पैदा होने वाली इस स्थिति पर बादल की मोदी और राजनाथ से चर्चा तो हुई और दोनों ही नेताओं ने बादल की दलील से सहमति भी जताई, लेकिन वे इनेलो के साथ गठबंधन करने के मुद्दे पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दे सके। इसके पीछे अहम वजह यह है कि इनेलो को राजग में शामिल करने के मुद्दे पर भाजपा में शीर्ष स्तर पर गहरे मतभेद हैं।

चौटाला की पार्टी को राजग में शामिल करने के मसले पर भाजपा में पहले भी चर्चा हो चुकी है जिस पर पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज के एतराज के चलते विराम लग गया था।

आडवाणी और सुषमा को क्या थी आपत्ति...


आडवाणी और सुषमा ने यह दलील देकर इनेलो से गठबंधन के सुझाव पर आपत्ति जताई थी कि इससे पार्टी के भाजपा के सुशासन के मुद्दे की धार कमजोर पड़ेगी और पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव में इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। गौरतलब है कि इस समय ओमप्रकाश चौटाला अपने मुख्यमंत्रित्व काल में हुए बहुचर्चित शिक्षक भर्ती घोटाले में दस साल की सजा काट रहे हैं।

इनेलो से गठबंधन में बाधा सिर्फ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की असहमति ही नहीं है। हरियाणा में भाजपा की सहयोगी हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) भी इनेलो से भाजपा के गठबंधन के खिलाफ है। पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के बेटे और हजकां नेता कुलदीप विश्नोई स्पष्ट कर चुके हैं कि भाजपा के इनेलो से गठबंधन करने की स्थिति में हजकां को भाजपा से अपने रिश्तों पर पुनर्विचार करना पड़ेगा।

इनेलो को राजग में शामिल करने के लिए जारी प्रयासों पर भाजपा के हरियाणा प्रभारी प्रो. जगदीश मुखी का कहना है कि विभिन्न स्तर पर नेताओं के बीच मुलाकात होती रहती है लेकिन इनेलो से गठबंधन का कोई सवाल ही नहीं उठता। प्रो मुखी ने स्पष्ट किया कि हरियाणा में भाजपा का गठबंधन हजकां के साथ बना हुआ है। लोकसभा चुनाव भी दोनों पार्टियां ही मिलकर लड़ेंगी।
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