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गणगौर 2022 : मां पार्वती को प्रसन्न करेंगे 10 उपाय, 5 मंत्र और 16 श्रृंगार के दान

सोमवार,अप्रैल 4, 2022
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Gangaur 2022: पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर तीज मनाई जाती है। ये तिथि चैत्र मास की नवरात्र में आती है। इसे गौरी तृतीया भी कहते हैं। इस बार गणगौर का पर्व 18 मार्च से 4 अप्रैल तक चलता है। 4 अप्रैल को तृतीया तिथि है।
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गणगौर लोकपर्व होने के साथ-साथ रंगबिरंगी संस्कृति का अनूठा उत्सव है। यह पर्व विशेष तौर पर केवल महिलाओं के लिए ही होता है। शिव-पार्वती हमारे आराध्य हैं, पूज्य हैं। इस दिन भगवान शिव ने पार्वतीजी को तथा पार्वतीजी ने समस्त स्त्री-समाज को सौभाग्य का ...
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गणगौर माता के दरबार में हाजिरी देने के समय उखाणे / उखाने बोले जाते हैं। पूजा करने वाली महिलाएं एक-एक करके माता के सामने अपने पल्लू के कोने को कलश के पानी में डुबो कर माता जी के मुख को छुआती हुई इन उखाणे का उच्चारण करतीं हैं जिनमें उनके पति का नाम ...
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एक समय भगवान शंकर माता पार्वती और नारद के साथ पृथ्वी लोक पर भ्रमण के लिए निकले थे। भ्रमण के दौरान वह एक गांव के नजदीक आराम कर रहे थे, तभी गांव के लोगों को उनके वहां होने की खबर मिलती है। जिससे गांव की श्रेष्ठ व साधारण स्त्रियां उनके स्वागत के लिए ...
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गणगौर का शुभ और सुंदर पर्व है आज, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तिथि तृतीया को गणगौर तीज का व्रत रखा जाता है। 4 April 2022
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गणगौर का पर्व महिलाएं पूरे साज-सज्जा के साथ मनाती है। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती है। सोलह श्रृंगार वह सभी चीजें जो एक सुहागन को पूरा करती है। अधिकतम महिलाएं लाल रंग की साड़ी पहनती है, जो उन पर बहुत अच्छी लगती है। गण अर्थात शिव जी और गौर ...
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गणगौर तीज की संपूर्ण पौराणिक व्रत कथा- एक बार भगवान शंकर तथा पार्वतीजी नारदजी के साथ भ्रमण को निकले। चलते-चलते वे चैत्र शुक्ल तृतीया के दिन एक गांव में पहुंच गए। उनके आगमन का समाचार सुनकर गांव की श्रेष्ठ कुलीन स्त्रियां उनके स्वागत के लिए स्वादिष्ट ...
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Gangaur 2022 इस वर्ष गणगौर पर्व 4 अप्रैल 2022, सोमवार को मनाया जा रहा है। इसे गौरी तृतीया (Gauri Tritiya 2022), गणगौर उत्सव, सौभाग्य सुंदरी पर्व के नाम से भी जाना जाता है।
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Gangaur 2022 गणगौर के पावन पर्व पर मां पार्वती या गौरी माता की आरती करके उन्हें प्रसन्न‍ किया जाता है। यहां पढ़ें आरती...
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गणगौर 2022 कब है : गणगौर पर्व चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीयी तिथि को मनाया जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस बार यह पर्व 4 अप्रैल 2022 सोमवार को रहेगा। इस दिन शिव गौरी पूजन किया जाता है। इस दिन सभी विवाहित स्त्रियां सौभाग्य का आशीर्वाद लेंगी। आओ ...
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जय पार्वती माता जय पार्वती माता, ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता। जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
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वर्ष 2021 में गणगौर व्रत 15 अप्रैल को है। गणगौर लोकपर्व होने के साथ-साथ रंगबिरंगी संस्कृति का अनूठा उत्सव है। चैत्र शुक्ल तृतीया को मनाया जानेवाला यह पर्व विशेष तौर पर केवल महिलाओं के लिए ही होता है।
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इस दिन भगवान शिव ने पार्वतीजी को तथा पार्वतीजी ने समस्त स्त्री-समाज को सौभाग्य का वरदान दिया था। इस दिन सुहागिनें दोपहर तक व्रत रखती हैं। महिलाओं नाच-गाकर, पूजा-पाठ कर हर्षोल्लास से यह त्योहार मनाती हैं।
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गणगौर त्योहार 18 दिन का त्योहार है जो चैत्र माह के पहले दिन से शुरू होता है। गणगौर पूजा भगवान शिव और देवी पार्वती को समर्पित है।
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एक बार भगवान शिव तथा माता पार्वती, नारदजी के साथ भ्रमण को निकले। चलते-चलते वे एक गाँव में पहुँच गए। उनके आगमन का समाचार सुनकर गांव की श्रेष्ठ कुलीन स्त्रियाँ उनके स्वागत के लिए स्वादिष्ट भोजन बनाने लगी। भोजन बनाते-बनाते उन्हें काफी विलंब हो गया।
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गणगौर पर्व के दिनों में जहां भगवान शिव-पार्वती और गणगौर की आराधना की जाती हैं, वहीं गणगौर के गीत गाकर माता गौरी की प्रसन्न किया जाता है, लेकिन सबसे ज्यादा समस्या पूजन
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गणगौर का पर्व महिलाएं पूरे साज-सज्जा के साथ इस मनाती है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। मां गौरी की पूजा कर पति की लंबी
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एक बार भगवान शंकर तथा पार्वतीजी नारदजी के साथ भ्रमण को निकले। चलते-चलते वे चैत्र शुक्ल तृतीया के दिन एक गांव में पहुंच गए। उनके आगमन का समाचार सुनकर गांव की श्रेष्ठ कुलीन स्त्रियां उनके स्वागत के लिए
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गणगौर पर्व पर महिलाएं काफी खूबसूरत लगती है। लेकिन अक्सर परिवार और काम की दुनिया से खुद के लिए समय निकालना भूल जाती है। ऐसे में त्वचा एकदम बेजान हो जाती है
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