0

हनुमान भक्त अमिताभ बच्चन इस मंदिर में हर साल दर्ज कराते हैं उपस्थिति

बुधवार,अप्रैल 8, 2020
0
1
पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर तीज मनाई जाती है। ये तिथि चैत्र मास की नवरात्र में आती है। इसे गौरी तृतीया भी कहते हैं। यह पर्व राजस्थान और मध्यप्रदेश में ही ज्यादा प्रचलित है। इस बार गणगौर तीज 27 मार्च शुक्रवार को ...
1
2
एक बार महादेव पार्वती वन में गए चलते-चलते गहरे वन में पहुंच गए तो पार्वती जी ने कहा-भगवान, मुझे प्यास लगी है। महादेव ने कहा, देवी देखो उस तरफ पक्षी उड़ रहे हैं। वहां जरूर पानी होगा। पार्वती जी वहां गई। वहां एक नदी बह रही थी। पार्वती ने पानी की ...
2
3
पहले बधाई मेरे घर आई है। बधाई स्वरूप रनुबाई और धणियर राजा आए हैं। हे रनुबाई! तुम बड़े बाप की बेटी हो, सुंदर घेरदार कीमती चूंदड़ ओढ़ो। इस कीमती साड़ी से तुम्हारी शोभा सुंदरता का मैं कैसे बखान करूं। जिनके घर रनुबाई आ गई हैं, उन घरों में आनंद का सरोवर लहरा ...
3
4
गणगौर माता के दरबार में हाजिरी देने के समय उखाणे / उखाने बोले जाते हैं। पूजा करने वाली महिलाएं एक-एक करके माता के सामने अपने पल्लू के कोने को कलश के पानी में डुबो कर माता जी के मुख को छुआती हुई इन उखाणे का उच्चारण करतीं हैं जिनमें उनके पति के नाम ...
4
4
5
गौरी तृतीया, गणगौर उत्सव, सौभाग्य सुंदरी पर्व चैत्र शुक्ल तृतीया, 27 मार्च 2020 के दिन मनाया जा रहा है।
5
6
गणगौर गीतों को झालरिया गीत कहते हैं। झालरिया गीत गणगौर के विशेष गीत हैं। कुछ गीत हैं जिनमें कन्या अपने पिता से अनुरोध करती है कि पिता हमें अभी ससुराल मत भेजो, अभी तो हमारे बाग-बगीचों में खेलने के दिन हैं। दादाजी हमारे बाप के कुआं-बावड़ी हैं, हमारे ...
6
7
समूचा निमाड़ नौ दिन तक जाति-पांति, ऊंच-नीच, गरीबी-अमीरी का भेद भूलकर, हर्षोल्लास, सद्भावना एवं सौहार्द के पवित्र वातावरण में डूबा रहता है। चैत्र मास, कृष्ण पक्ष की दसवीं से चैत्र शुक्ल पक्ष तृतीया
7
8
चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी को प्रातः स्नान करके गीले वस्त्रों में ही रहकर घर के ही किसी पवित्र स्थान पर लकड़ी की बनी टोकरी में जवारे बोना चाहिए।
8
8
9
यह व्रत होली के दूसरे दिन से आरंभ होता है और गुड़ी पड़वा के अगले दिन इसका समापन होता है। इस वर्ष 27 मार्च को यह संपन्न होने जा रहा है।
9
10
स दिन भगवान शिव ने पार्वतीजी को तथा पार्वतीजी ने समस्त स्त्री-समाज को सौभाग्य का वरदान दिया था। इस दिन सुहागिनें दोपहर तक व्रत रखती हैं। महिलाओं नाच-गाकर, पूजा-पाठ कर हर्षोल्लास से यह त्योहार मनाती हैं।
10
11
इस वर्ष गौरी तृतीया या गणगौर उत्सव चैत्र शुक्ल तृतीया, 27 मार्च 2020 के दिन मनाया जाएगा। ‘गण’ का अर्थ है शिव और ‘गौर’ का अर्थ पार्वती है। इस दिन इस दिव्य युगल की महिलाओं द्वारा पूजा की जाती है।
11
12
पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर तीज मनाई जाती है। ये तिथि चैत्र मास की नवरात्र में आती है। इसे गौरी तृतीया भी कहते हैं। गण का अर्थ शिव और गौर का अर्थ गौरी। यह पर्व राजस्थान और मध्यप्रदेश में ही ज्यादा प्रचलित है। इस ...
12
13
एक बार भगवान शंकर तथा पार्वतीजी नारदजी के साथ भ्रमण को निकले। चलते-चलते वे चैत्र शुक्ल तृतीया के दिन एक गांव में पहुंच गए
13
14
यहां हमने आपकी सुविधा के लिए गणगौर के दौरान विभिन्न अवसरों पर गाए जाने वाले लोकगीत दिए हैं। आइए जानें-
14